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नई दिल्ली. जहां एक तरफ बीसीसीआई ने महिला क्रिकेटर्स की सैलरी पुरुष क्रिकेटर्स के बराबर कर दी. वहीं दूसरी ओर क्रिकेट की शुरुआत करने वाला देश इंग्लैंड ही अपने देश की महिलाओं के साथ भेदभाव कर रहा है. दरअसल, बात ये है कि वहां महिला अंपायर्स को पुरुष अंपायर्स के मुकाबले कम पैसे दिए जा रहे हैं. ऐसा इंग्लैंड में चल रहे टूर्नामेंट द ‘हंड्रेड’ (The Hundred) में हो रहा है.
ब्रिटिश अखबार गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार द हंड्रेड में महिला अंपायर्स को पुरुष के मुकाबले कम पैसे दिए जा रहे हैं. द हंड्रेड में पुरुष अंपायर्स को 100 पाउंड करीब (करीब 1 लाख रुपए) और महिलाओं को करीब 300 पाउंड करीब 31000 रुपए दिए जा रहे हैं. फाइनल में महिलाओं की फीस करीब 1 लाख रुपए है. जबकि, पुरुष अंपायर्स की 2.5 लाख रुपए.
इस भेदभाव के लिए महिला अंपायर्स ने नाराजगी भी जाहिर की है. उनका कहना है कि वेतन समान मिलना चाहिए. इंग्लैंड बोर्ड ने फैसला किया है कि अगले साल तक वह महिला अंपायर्स की फीस पुरुषों के बराबर कर देंगे. क्योंकि 2024 से पहले इसे नियम में लाना पॉसिबल नहीं है. एक महिला अंपायर ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि हमारे में से बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं. जो नौकरी करती हैं या फिर पढ़ाई करती है. हमें अपने खर्चो को देखते हुए चलना पड़ता है ऐसे में अगर हमें अधिक सैलरी मिलेगी तो हमारे लिए जीवन काफी आसान हो जाएगा.
महिला क्रिकेटर्स का भी बढ़ेगा पैकेज
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 30 अगस्त बुधवार को घोषणा की थी कि महिलाओं की मैच फीस तत्काल प्रभाव से पुरुषों के बराबर कर दी जाएगी. जिससे महिला प्लेयर्स को एक टेस्ट मैच के लिए लगभग 12 लाख रुपए , हर वनडे मैच के लिए 5 लाख रुपए और हर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए 3.5 लाख रुपए दिए जाएंगे.
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Tags: England cricket board, The Hundred
FIRST PUBLISHED : September 08, 2023, 19:13 IST
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