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Kim Jong Un Train special Feature: किम जोंग उन की कई पहचान है. दुनिया उसे तानाशाह, सनकी, लिटिल रॉकेट मैन के नाम से जानती और पुकारती है. दरअसल इसे पीछे की वजह भी खास है. वो किसी को मरवा सकता, जब मन करता मिसाइलट टेस्ट कराता है, बेटी के नाम पर कोई और नाम ना रखे उसके लिए आदेश निकाल देता है लेकिन इस समय चर्चा में इसलिए है क्योंकि वो ट्रेन (kim jomg un train russia)के जरिए रूस जाने वाला हैं जहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे. अब सवाल यह कि जब उसके पास प्लेन है तो ट्रेन क्यों.
किम जोंग उन भले ही अपने आपको खतरनाक शख्स के रूप में पेश करता हो उसे प्लेन से डर लगता है. लिहाजा वो ट्रेन की सफर करेगा. अब जब वो ट्रेन से सफर करेगा तो वो सामान्य रेलगाड़ी तो नहीं ही होगी. आप बिल्कुल दुरुस्त सोच रहे हैं दरअसल जिस ट्रेन(kim jong il train) की हम बात कर रहे हैं वो उसके पिता किम जोंग इस से विरासत में मिली है. यहां पर उसकी विरासत वाली ट्रेन के खासियत के बारे में बात करेंगे
किम जोंग उन के ट्रेन की खासियत
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किम जोंग उन ट्रेन से मॉस्को जाएगा उसकी औसत स्पीड 37 मील प्रति घंटे है.
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ट्रेन, कांफ्रेंस रूम, सैटेलाइट फोन, फ्लैटस्क्रीन टीवी से लैस है.
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इसमें करीब 100 सेक्यूरिटी एजेंट्स तैनात रहेंगे जिनका काम रास्ते और आने वाले स्टेशनों के बारे में जानकारी हासिल करनी होती है.
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सेक्यूरिटी एजेंट्स इस बात को भी सुनिश्चित करते हैं कि रास्ते में बम के हमले या दूसरे खतरों को टाला जा सके.
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ट्रेन पूरी तरह से बुलेटप्रूफ(bulletproof train) है इस पर किसी हथियार का असर नहीं पड़ेगा.
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ट्रेन में जिंदा समुद्री जीवों के लिए अलग कंपार्मेंट
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ट्रेन में खूबसूरत महिला कंडक्टर(women conductor)
ट्रेन में एक्सपर्ट शेफ
ट्रेन में कांटिनेंटल फूड के एक्सपर्ट यानी शेफ रहते हैं जो कोरियन, जापानी, चीनी और फ्रेंच डिश बनाते हैं. सबसे बड़ी बात है कि उस ट्रेन में जिंदा समुद्री जीवों को भी ले जाया जाता है. रूसी अधिकारी कांस्टेटिन पुलिकोवस्की किम जोंग उन के पिता के बारे में बताते हैं कि एक बार उन्हें रूसी डिश परोसी गई लेकिन उनकी नजर में सिर्फ और सिर्फ कमियां दिखाई दी. इल ने एक पीस को उठा कर कहा कि यह पेल्मेनी खराब है, इसे आप और अधिक उबाल सकते थे.ट्रेन में नजाकत के साथ पेश आने वाली लेडी कंडक्टर रखी गई हैं. उन्हें खूबसूरत लेडी कंडक्टर के नाम से जाना जाता है. ट्रेन की हिफाजत के लिए आगे आगे एक ट्रेन चलती है. बताया जा रहा है कि वो रविवार तक व्लाडिवोस्तक पहुंच सकते हैं. जहां से आगे पीयर 33 और मॉस्को की भी यात्रा कर सकते हैं.
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