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देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे
– फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में इन दिनों मराठा कोटा को लेकर सियासत तेज है। इस बीच, आज सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुंबई में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक से पहले सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को कोटा देना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि ये कोटा फुलप्रूफ होगा और कानूनी जांच में खरा उतरेगा। हालांकि, सरकार इसे लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी को धोखा नहीं देना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना है कि मराठा समुदाय सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है। साथ ही यह आम सहमति भी बनानी है कि इससे अन्य समुदायों का कोटा प्रभावित नहीं होगा। इस दौरान सीएम से सर्वदलीय बैठक के बारे में भी सवाल किए गए। इन सवालों के बारे में पूछे जाने के बारे में सीएम शिंदे ने कहा कि मराठा आरक्षण की मांग एक सामाजिक मुद्दा है, न कि राजनीतिक। मुझे उम्मीद है कि विपक्षी दल कुछ सुझाव देंगे और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार अन्य पिछड़े समुदायों के समान मराठा समुदाय के छात्रों को समानांतर रूप से कई सुविधाएं और वित्तीय सहायता दे रही है। गौरतलब है कि आज शाम मुंबई में सर्वदलीय बैठक का आयोजन होना है।
दो समुदाय आमने-सामने आएं ऐसा कोई फैसला नहीं- डिप्टी सीएम
वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा कि सरकार बैठक में मराठों और अन्य समुदायों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए व्यापक सहमति बनाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सरकार कोटा मुद्दे का राजनीतिकरण किए बिना विभिन्न समुदायों की मांगों का समाधान करेगी। साथ ही राज्य के हितों के लिए उपयुक्त निर्णय पर पहुंचने का प्रयास करेगी।
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