[ad_1]

संसद
– फोटो : Social Media
विस्तार
देश की राजनीति में अपराध का गठजोड़ किस कदर बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 40 प्रतिशत मौजूदा सासंदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 25 प्रतिशत मामले गंभीर अपराध से जुड़े हैं। जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मामले शामिल हैं। चुनाव अधिकार निकाय एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
केरल का रिकॉर्ड सबसे खराब
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, केरल का रिकॉर्ड इस मामले में सबसे खराब है और वहां के 79 फीसदी सांसदों के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं। इसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों सांसद शामिल हैं। केरल के 29 सांसदों में से 23 दागी हैं। एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच ने 776 सीटों में से 763 मौजूदा सांसदों के पिछले चुनाव या उपचुनाव में जमा कराए गए स्वघोषित शपथपत्रों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। जम्मू कश्मीर में राज्यसभा की चार सीटें हैं लेकिन वहां विधानसभा का गठन ना होने के चलते ये सीटें खाली हैं। वहीं एक लोकसभा सांसद और तीन राज्यसभा सासंदों के हलफनामों का विश्लेषण नहीं किया गया है, क्योंकि उनके दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
बिहार में 73 फीसदी दागी
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, केरल के बाद बिहार में सबसे ज्यादा दागी सांसद हैं। बिहार के 56 सांसदों में से 41 (73 फीसदी) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। महाराष्ट्र के 65 सांसदों में से 37 (57 फीसदी) दागी हैं। तेलंगाना में 24 में से 13 (54 फीसदी), दिल्ली के 10 सांसदों में से पांच (50 प्रतिशत) सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
[ad_2]
Source link