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Artificial Intelligence
– फोटो : Istock
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। अब एक अनुभवी डॉक्टर के समान एआई भी मरीज की बीमारी को पकड़ सकता है। पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने एक अध्ययन में इसकी पुष्टि की है।
द लैंसेट रीजनल हेल्थ-साउथ ईस्ट एशिया में प्रकाशित इस अध्ययन में एआई तकनीक ने मरीजों में पित्ताशय कैंसर की पहचान उसी तरह से की जैसे एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट जांच रिपोर्ट के आधार पर करता है। यह इसलिए भी हैरान करता है, क्योंकि पित्ताशय का कैंसर (जीबीसी) एक अत्यधिक घातक बीमारी है, जिसका आमतौर पर पता नहीं चल पाता है। एआई ने इस चुनौती को काफी सरल बना दिया। शोधकर्ताओं ने अध्ययन में कहा है कि पित्ताशय कैंसर का पता लगाने के लिए उनके मॉडल का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस अध्ययन की अपनी कुछ सीमा थी। इसलिए इस पर बहुकेंद्रीय अध्ययन भी होने चाहिए।
अध्ययन से पहला मॉडल बनाया
नई दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के इस संयुक्त अध्ययन का उद्देश्य पेट के अल्ट्रासाउंड से पित्ताशय कैंसर का पता लगाने के लिए एक गहन शिक्षण (डीएल) मॉडल विकसित करना और एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट के साथ उसकी तुलना करना था।
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