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बीते पूरे हफ्ते सनातन का मुद्दा छाया रहा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और द्रमुक विधायक उदयनिधि स्टालिन के बयान से इसकी शुरुआत हुई। उदयनिधि ने एक सम्मेलन में सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से कर दी। इसके बाद कुछ पार्टियों ने उनके बयान की निंदा की, तो कुछ नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी का समर्थन करते हुए खुद भी सीमा लांघ दी।
इस मुद्दे का देश की सियासत पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर चर्चा करने के लिए ‘खबरों के खिलाड़ी’ की इस नई कड़ी में हमारे साथ वरिष्ठ विश्लेषक रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, हर्षवर्धन त्रिपाठी, प्रेम कुमार और समीर चौगांवकर मौजूद रहे। आइए जानते हैं विश्लेषकों की राय….
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