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हिंदी सिनेमा की मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी आनंद जी ने हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक सदाबहार हिट गाने दिए हैं। फिल्म ‘छलिया’ के पोस्टर पर पहली बार इस संगीतकार जोड़ी का नाम दिखा। भारत के लोक संगीत पर आधारित सबसे ज्यादा गीत बनाने वाली इस जोड़ी के आनंदजी से ‘अमर उजाला’ की एक एक्सक्लूसिव मुलाकात।
आनंदजी, संगीत का सिलसिला आपके जीवन में कहां से शुरू होता है?
मुंबई के गिरगांव में जहां हम लोग रहते थे। वहां बहुभाषीय लोग रहते थे। भाषाओं को सीखने का शौक था मुझे। फिल्म इंडस्ट्री में जाने जैसा कोई इरादा तब नहीं था। एक दिन हमें स्कूल से रिकॉर्डिंग में बुलाया गया। उन दिनों लाइव रिकॉर्डिंग के साथ साथ शूटिंग भी होती थी। स्कूल के कुछ बच्चों का चयन करके गाने के लिए बुलाया गया था। स्कूल की म्यूजिक क्लास से हमारा भी चयन हुआ। शूटिंग के माहौल को देखकर हर चीज के बारे में जानने की उत्सुकता हुई। मेरी बातें सुनकर सबको मजा आता था। बड़े भाई कल्याणजी उन दिनों बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे। उनकी संगीत में दिलचस्पी काफी थी।
फिल्म ‘नागिन’ के गाने ‘मन डोले मेरा तन डोले’ में कल्याणजी को नागिन बजाने की क्या कहानी है?
आप लोगों की संगीतकार के तौर पार शुरुआत कैसे हुई और पहली फिल्म में मौका कैसे मिला?
राजकपूर की फिल्मों में से जुड़ना कैसे हुआ क्योंकि उनकी फिल्मों में तो शंकर-जय किशन का ही संगीत रहता था?
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