[ad_1]

विदेश मंत्री एस जयशंकर
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित करने के बाद मंगलवार को न्यूयॉर्क में विदेश संबंध परिषद में विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों पर खुलकर बोला है। उन्होंने कहा, अमेरिका और भारत को एक साथ मिलकर काम करने की बहुत आवश्यकता है। वाशिंगटन के लिए ऐसे साझेदारों का होना उपयोगी है, जो अमेरिका के बारे में अच्छा सोचते हो और अच्छा बोलते हो।
भारत-अमेरिका संबंधों पर ध्यान केंद्रित
सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, मुझे लगता है कि आज, भारत-अमेरिका संबंधों को प्रौद्योगिकी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कई मायनों में दुनिया में शक्ति का संतुलन हमेशा प्रौद्योगिकी के संतुलन का एक कार्य रहा है, लेकिन आज यह और भी अधिक तीव्र है।
जयशंकर बोले, ग्लोबल साउथ में विकसित देशों के प्रति अविश्वास
उत्तर-दक्षिण विभाजन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ आज ग्लोबल नॉर्थ या विकसित देशों के प्रति अविश्वास रखता है। उन्होंने कहा, इसलिए अमेरिका के लिए ऐसे साझेदारों का होना उपयोगी है, जो स्पष्ट रूप से अमेरिका के बारे में अच्छा सोचते हो।
[ad_2]
Source link