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बीजेपी चुनाव अभियान की शुरुआत कर चुकी है।
– फोटो : सोशल मीडिया
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा प्रदेश में दलितों और अल्पसंख्यकों को साधकर लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार करने में जुटेंगे। संघ के सर संघचालक मोहनराव भागवत के चार दिवसीय अवध प्रांत के प्रवास का लब्बोलुआब यही है। संघ प्रमुख संघ और सभी अनुषांगिक संगठनों के लिए रोडमैप तैयार कर गए।
संघ प्रमुख के चार दिवसीय लखनऊ प्रवास से पहले सह सर कार्यवाह अरुण कुमार ने लखनऊ में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संघ के सभी अनुषांगिक संगठनों, भाजपा और प्रदेश सरकार के साथ संवाद किया था। उन्होंने सभी अनुषांगिक संगठनों से मिले जमीनी फीडबैक भाजपा और सरकार के प्रमुख लोगों को बताते हुए चुनाव से पहले कील कांटे दुरुस्त करने का मंत्र भी दिया।
अरुण कुमार के दौरे के बाद 22 से 25 सितंबर तक संघ प्रमुख ने लखनऊ में प्रवास किया। यहां उन्होंने पहले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लंबा-विचार विमर्श किया। भागवत ने प्रवास के दौरान संघ के प्रांत व विभाग टोली की बैठक के साथ प्रबुद्धजन के साथ संवाद में मुस्लिमों पर भी बड़ी चर्चा हुई। संघ प्रमुख ने सामाजिक सद्भाव के तहत मुस्लिम और ईसाई समाज के बीच जाकर उनसे संपर्क और समन्वय बढ़ाने पर बात की। वहीं मुस्लिमों को भी अपना बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ओर जहां भाजपा पसमांदा मुस्लिम समाज के वोट बैंक में सेंध लगाने में जुटी है। दूसरी ओर संघ ने भी मुस्लिम समुदाय से संपर्क बढ़ाने की बात की है इसका मकसद लोकसभा चुनाव में अल्पसंख्यक वोट बैंक हासिल करना है।
उधर, संघ और सभी अनुषांगिक संगठन सामाजिक समरसता के तहत दलित और मलिन बस्तियों में जनाधार बढ़ाएंगे। वहीं दूसरे छोर पर भाजपा की ओर से बस्ती संपर्क अभियान शुरू कर मोदी-योगी सरकार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए लागू योजनाओं और उपलब्धियों को बताया जाएगा। जानकारों का मानना है कि संघ के दलित वर्ग में पैठ बढ़ाने का फायदा सीधे तौर पर लोकसभा चुनाव में भाजपा को भी मिलेगा।
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