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फॉरेक्स
– फोटो : pixabay
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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 22 सितंबर 2023 को समाप्त सप्ताह में 2.335 अरब डॉलर घटकर 590.702 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले 15 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 867 मिलियन डॉलर घटकर 593.04 अरब डॉलर रह गया था।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 2.55 अरब डॉलर घटकर 523.40 अरब डॉलर रह गईं। डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है।
22 सितंबर को समाप्त हफ्ते के दौरान देश का स्वर्ण आरक्षित भंडार 30.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 44.31 अरब डॉलर हो गया, जबकि एसडीआर इस दौरान 7.9 करोड़ डॉलर घटकर 18.01 अरब डॉलर रह गया। उक्त अवधि के दौरान आईएमएफ में मुद्रा भंडार 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 5.02 अरब डॉलर रह गया।
बता दें कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। वैश्विक घटनाक्रमों के दबाव के बीच केंद्रीय बैंक की ओर से रुपये को बचाने के लिए कोष का इस्तेमाल किए जाने से मुद्रा भंडार में गिरावट आ रही है।
आमतौर पर, आरबीआई, समय-समय पर, तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर की बिक्री भी शामिल है, ताकि रुपये में भारी गिरावट को रोका जा सके। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा बाजारों की बारीकी से निगरानी करता है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि केंद्रीय बैंक किसी भी पूर्व-निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना, विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।
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