Home Sports Asian Games: ‘ट्रांसजेंडर के कारण ब्रॉन्ज मेडल गंवाया..’ पदक चूकने पर स्वप्ना का आरोप, क्या साथी एथलीट है वजह?

Asian Games: ‘ट्रांसजेंडर के कारण ब्रॉन्ज मेडल गंवाया..’ पदक चूकने पर स्वप्ना का आरोप, क्या साथी एथलीट है वजह?

0
Asian Games: ‘ट्रांसजेंडर के कारण ब्रॉन्ज मेडल गंवाया..’ पदक चूकने पर स्वप्ना का आरोप, क्या साथी एथलीट है वजह?

[ad_1]

नई दिल्ली. 2018 के जर्काता एशियन गेम्स में हेप्टाथेलॉन में गोल्ड मेडल जीतने वालीं भारत की स्वप्ना बर्मन इस बार ब्रॉन्ज मेडल भी नहीं जीत पाईं. पदक से चूकने के बाद स्वप्ना ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि वो पोडियम फिनिश करती लेकिन एक ट्रांसजेंडर वुमेन के कारण ऐसा नहीं कर पाईं और एक तरह से उनसे ब्रॉन्ज मेडल छीन लिया गया. स्वप्ना ने अपने ही देश की एथलीट पर ये आरोप लगाए हैं. दरअसल, भारत की ही नंदिनी अगासरा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और स्वप्ना का इशारा उनकी ही तरफ था.

एशियन गेम्स 2023 के हेप्टाथलॉन इवेंट में स्वप्ना बर्मन ने 5708 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया. वो भारत की ही एथलीट नंदिनी असागरा (5712) से महज 4 अंक ही पीछे रह गईं थीं, जिन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता है. हालांकि, इवेंट के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर स्वप्ना ने बड़ा आरोप लगाया.

स्वप्ना ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट लिखा, मैंने चीन के हांग्जो में आयोजित एशियन गेम्स में एक ट्रांसजेंडर महिला के कारण अपना ब्रॉन्ज मेडल गंवाया है. मैं अपना पदक वापस चाहती हूं क्योंकि ये एथलेटिक्स के नियमों के खिलाफ है. कृपया मेरी मदद करें और इसमें मेरा सहयोग करें. हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद एथलीट ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था. हैशगेट ‘प्रोटेस्टफॉरफेयरप्ले’ के साथ की गई पोस्ट में स्वप्ना ने इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं नंदिनी असागरा का जिक्र नहीं किया है लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे स्वप्ना का इशारा नंदिनी की तरह ही था.

swapna barman, asian games

Asian Games 2023 October 2 Live Updates: दूसरे क्वार्टर में भारत ने खोले धागे, दागे 4 गोल, 6-0 से आगे टीम इंडिया

द ब्रिज से एक्सक्लूसिव बात करते हुए स्वप्ना ने दावा किया कि कांस्य पदक हारने के बाद वह ‘सभी को बेनकाब’ कर देंगी. उन्होंने कहा, “अगर मुझे यह पदक नहीं मिला, जिसकी मैं हकदार हूं तो मैं सभी को बेनकाब कर दूंगी. हर कोई देख सकता है कि मेरे साथ कैसा अन्याय हो रहा है. ट्रांसजेंडर एथलीट, जिनका टेस्टोस्टेरोन स्तर 2.5 से ऊपर है, 200 मीटर से अधिक की स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते. कोई भी लड़की इतनी तेजी से हेप्टाथलॉन में आगे नहीं आ सकती. मैंने इसमें 13 साल तक प्रशिक्षण लिया है, यह असंभव है कि वह चार महीने तक प्रशिक्षण ले और इस स्तर तक पहुंचे.”

Tags: Asian Games, Athletics, Sports news

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here