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रोहिणी आयोग
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार सरकार की जातीय जनगणना के आंकड़े जारी किए जाने के बाद देशभर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तरप्रदेश भी इस मुद्दे से अछूता नहीं है। यहां विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष में शामिल भाजपा के सहयोगी दल भी जातीय जनगणना की मांग को फिर से उठाने लगे हैं।
एनडीए के घटक दल अपना दल (एस) और सुभासपा ने भी जातीय जनगणना कराने की मांग उठाकर भाजपा पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अब रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग भी उठने लगी है। सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर का कहना है कि उनकी पार्टी जातीय जनगणना के साथ-साथ रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग भी कर चुकी है।
आइये जानते हैं आखिर क्या है रोहिणी आयोग? यह आयोग क्यों बना? इसकी रिपोर्ट का क्या हुआ? रिपोर्ट लागू होने से क्या होगा?
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