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Nepal Communal Violence: नेपाल कभी हिंदू राष्ट्र था. भारत और नेपाल के बीच सदियों नहीं युगों पुराने रिश्ते हैं. आज भी दोनों देशों के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता है. इसके बावजूद कुछ चरमपंथियों और कट्टरपंथियों को ये नाता और शांति रास नहीं आ रही थी. ऐसे सांप्रदायिक लोगों के अंदर ही अंदर कुछ सुलग रहा था, जिसे भांपने में नेपाल की स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां नाकाम रहीं. जिसके बाद वहां बड़े पैमाने पर हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया. खबर नेपाल के नेपालगंज की है. जहां हुई खूनी हिंसा के बाद शहर में लॉकडाउन लगाना पड़ गया.
हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तेजी से बढ़े तनाव के बीच दक्षिण पश्चिम नेपाल के इस शहर में कर्फ्यू और तालाबंदी का ऐलान करने के बाद बीती रात शांति से गुजरी. आज भी वहां हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं. स्थानीय सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक नेपालगंज में परेशानी तब शुरू हुई जब एक हिंदू लड़के ने सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के बारे में एक स्टेटस अपनी वाल पर पोस्ट किया, जिसका कुछ कट्टरपंथियों ने भीषण विरोध किया. इसके जवाब में हिन्दुओं ने मंगलवार को हजारों की संख्या में सड़कों पर निकलकर शांति जुलूस निकाला था लेकिन दोनों गुटों में झड़प हो गई और देखते ही देखते झड़प खूनी हिंसा में बदल गई. इसके बाद हिंदुओं को निशाना बनाया गया. रोड पर टायर जलाए और ट्रैफिक जाम करने के साथ सबक सिखाने की धमकी दी गई.
रैली पर पथराव
हिंदू रैली के ऊपर मुस्लिम पक्ष की ओर से पत्थर और बोतलें फेंकी गईं. कुछ लोग घायल हो गए. दोनों पक्षों से लोग आमने-सामने आए. विवाद से साम्प्रदायिक हिंसा भड़की और देखते ही देखते पूरा शहर हिंसा की चपेट में आ गया. दोनों पक्षों की तरफ से पत्थरबाजी और आगजनी की गई नेपाल प्रशासन ने सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए सीमावर्ती शहर में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है. आज भी वहां करीब 80% आबादी हिंदुओं की है, इसके बावजूद हिंदू समुदाय के लोगों को वहां पहली बार दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया.
यूपी के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट
हिंसा की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें देखा जा सकता है कि कैसे कई कट्टरपंथी लोग छतों पर से हिंदुओं पर पथराव कर रहे हैं. हिंदू समुदाय के लोग भगवा लिए हैं. वो बचने के लिए भाग रहे हैं. छतों पर से उन पर पत्थर बरसाए जा रहे हैं. ऐसी वारदातों के बाद उत्तर प्रदेश के सटे इलाकों में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है. काठमांडू से 400 किलोमीटर दूर नेपालगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 5 सुरक्षा कर्मियों समेत करीब 25 लोग जख्मी हो गए थे. झड़प के बाद प्रशासन ने वहां अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा था. आपको बताते चलें कि इस शहर की सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है.
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से तनाव को कम करने में सहयोग करने के साथ सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को बरकरार रखने के लिए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा नहीं करने की अपील की है.
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