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India-Russia Relation: पुतिन ने भी माना PM मोदी की लीडरशिप का लोहा, तारीफ में कह दी ये बड़ी बात

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India-Russia Relation: पुतिन ने भी माना PM मोदी की लीडरशिप का लोहा, तारीफ में कह दी ये बड़ी बात

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Putin Praises Narendra Modi: हाल ही में जी-20 समिट (G-20 Summit) के सफल आयोजन के जरिए दुनिया भर में भारत का डंका बजाने वाले और तमाम देशों को साथ लेकर चलने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का तमाम ग्लोबल लीडर्स लोहा मानते हैं. ब्रिटेन हो या अमेरिका, इटली हो या ब्राजील तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष पीएम मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़ चुके हैं. कोई मोदी को बॉस कहता है तो कोई दुनिया का सबसे प्रिय नेता बताता है. इस बीच रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हो गए हैं. पुतिन ने इस बार पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद बुद्धिमान व्यक्ति कहा है. साथ ही पुतिन ने ये भी माना कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से तरक्की कर रहा है.

व्लादिमीर पुतिन का बड़ा बयान

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी के लिए बुद्धिमान शब्द का तब इस्तेमाल किया, जब वित्तीय सुरक्षा के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में उनसे भारत को लेकर सवाल किया गया था. पुतिन ने जवाब में कहा कि वित्तीय सुरक्षा के एजेंडे पर काम करना भारत और रूस दोनों के हितों से मेल खाता है. रूसी राष्ट्रपति ने वित्तीय सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में भी भारत के सहयोग की इच्छा जताई.

और मजबूत हुए रूस-भारत के रिश्ते

यूं तो भारत और रूस का दोस्ताना कई दशक पुराना है. मगर पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग से इस रिश्ते में और भी मजबूती आई है. हालांकि, दिल्ली में हुए जी-20 समिट में पुतिन शामिल नहीं हो सके थे. मगर यहां यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत ने जिस तरह रूस का बचाव किया उससे रूसी प्रेसिडेंट पुतिन फिर से पीएम मोदी के फैन हो गए.

भारत ने किया रूस का बचाव

दरअसल बाली जी-20 समिट के दौरान यूक्रेन युद्ध पर लंबी बहस हुई थी. जी-20 बैठक में तमाम देशों ने रूस को घेरने की कोशिश की लेकिन दिल्ली G-20 समिट में भारत ने रूस का बचाव किया. भारत ने यूक्रेन युद्ध को गलत बताया लेकिन इसका दोष रूस पर नहीं डाला.

भारत के स्टैंड से खुश हुआ रूस

सीधे शब्दों में कहें तो भारत ने रूस पर उस तरह सख्ती नहीं दिखाई जैसा कि पश्चिमी देश उम्मीद कर रहे थे. G-20 समिट में शामिल रूसी प्रतिनिधि ने भी घोषणापत्र में भारत के स्टैंड पर काफी खुशी जताई और भारत की अध्यक्षता में तैयार घोषणापत्र को मील का पत्थर बताया. रूस के साथ भारत की दोस्ती और मजबूत होते रिश्तों का ही नतीजा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार भी बढ़ता जा रहा है. इसका सबसे ताजा उदाहरण सितंबर में क्रूड ऑयल की खरीद में देखने को मिला है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में भारत ने सबसे ज्यादा कच्चा तेल रूस और इराक से खरीदा. पहले भारत के लिए सऊदी अरब दूसरा बड़ा तेल आयातक देश था. मगर सितंबर में भारत ने सऊदी अरब से एक तिहाई कम तेल खरीदा जबकि रूस और इराक से सितंबर में भारत ने काफी तेल आयात किया. रिपोर्ट में कहा गया कि इराक और रूस के तेल की कीमत सऊदी अरब की तुलना में काफी कम है. यही वजह है कि भारत ने सऊदी की जगह रूस को ज्यादा तरजीह दी और रूसी प्रेसिडेंट को पीएम मोदी का मुरीद बना दिया.

वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब पुतिन ने पीएम मोदी की तारीफ की है. पिछले महीने भी पुतिन ने 8वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी के मेक इन इंडिया मुहिम के लिए उनकी जमकर तारीफ की थी. पुतिन ने यहां तक कहा था कि रूस को भारत से सीखने की जरूरत है.

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