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मनरेगा (प्रतीकात्मक फोटो)
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पश्चिम बंगाल के लिए मनरेगा में धन की बाधा वाली खबरों के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया है। गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा के लिए धन की कोई बाधा नहीं है। साथ ही अपने बयान में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम बंगाल केंद्रीय निर्देशों का पालन नहीं करता है। जिसके कारण राज्य को धन जारी नहीं किया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का बयान
मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 4 अक्टूबर तक योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये के बजट में से 56,105.69 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए है। साथ ही कहा गया कि कार्यान्वयन के लिए धन की कोई बाधा ही नही है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि समय पर वेतन भुगतान के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर वेतन आदेश जारी करने की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जिससे श्रमिकों के खाते में मजदूरी जमा करने में लगने वाले वास्तविक समय में सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष में 4 अक्तूब तक 99.12 प्रतिशत भुगतान आदेश 15 दिनों के भीतर हुए हैं।
मंत्रालय ने कहा, केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन न करने के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 27 के प्रावधान के अनुसार पश्चिम बंगाल राज्य का फंड 9 मार्च, 2022 से रोक दिया गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी परिवार का जॉब कार्ड केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है, लेकिन आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (एपीबीएस) के कारण नहीं।
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