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आचार्य प्रमोद कृष्णम।
– फोटो : Amar Ujala
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राहुल गांधी ओबीसी समुदाय के मुद्दे को जोरशोर से उठा रहे हैं। कांग्रेस को लगता है कि ओबीसी समुदाय के मुद्दे के सहारे उसे पिछड़ी जातियों का समर्थन मिल सकता है और वह एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूती से उभर सकती है।
कांग्रेस की इस जातिगत राजनीति पर कांग्रेस के अंदर ही घमासान मच गया है। कांग्रेस के अनेक नेता पार्टी की जातियों की राजनीति को ठीक नहीं मान रहे हैं। सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह के मुद्दे उठाने से पहले इसके परिणामों पर विचार करना चाहिए। अब एक अन्य कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जातिगत जनगणना को देश की एकता के विरुद्ध बताया है।
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खुलकर इस नीति का विरोध किया है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय से ही कांग्रेस हर धर्म, हर जाति, हर क्षेत्र और हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलती रही है। इसके साथ अगड़े, पिछड़े, दलित-आदिवासी, हिंदू, मुसलमान और ईसाई सभी रहे हैं। महात्मा गांधी, नेहरू, इंदिरा से लेकर राजीव गांधी तक की कांग्रेस ने समाज के हर वर्ग को अपने साथ लेकर आगे बढ़ने की राजनीति की। ऐसे में कांग्रेस को जातिगत राजनीति सूट नहीं करती और इससे पार्टी को लाभ की जगह नुकसान होगा।
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