Home World हमास के खिलाफ जंग में इजरायल के सामने ये है सबसे बड़ी चुनौती, ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव जानकारी

हमास के खिलाफ जंग में इजरायल के सामने ये है सबसे बड़ी चुनौती, ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव जानकारी

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हमास के खिलाफ जंग में इजरायल के सामने ये है सबसे बड़ी चुनौती, ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव जानकारी

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सात अक्टूबर को फिलिस्तीनी आतंकी संगठन इजरायल की सीमा में घुस गया. अंदाज फिल्मी और तेवर आक्रामक.  हमास ने 20 मिनट के भीतर पांच हजार रॉकेट दाग डाले. उम्मीद के मुताबिक इजरायल की तरफ से प्रतिक्रिया आनी थी और वो प्रतिक्रिया नजर भी आई. पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा का यह यह युद्ध है और हम उसका जवाब देंगे. पिछले चार दिन से जारी लड़ाई में हजारों की संख्या में लोग मारे गए हैं. इजरायल बार बार कह रहा है अंजाम कुछ ऐसा होगा कि मध्य पूर्व का इतिहास और भूगोल बदल जाएगा. हमास के आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा लेकिन क्या इजरायल की राह इतनी आसान है. इसके समझने की कोशिश जी न्यूज संवाददाता ने की जो खुद ग्राउंड जीरो से हर एक पल की जानकारी दे रहे हैं.

यह है सबसे बड़ी चुनौती

सवाल यह है कि इजरायल की राह में फिलहालस सबसे बड़ी मुश्किल क्या है. दरअसल हमास सैकड़ों की संख्या में इजरायली नागरिकों को बंधक बनाने का दावा किया है. यही नहीं हमास का यह भी कहना है कि अगर गाजापट्टी पर इजरायल ने हवाई हमलों को नहीं रोका तो एक एक कर बंधकों को मार देगा.  हमास के कब्जे में कुल कितने लोग और उनका किस देश से नाता है साफ नहीं हो सका है. हालांकि संख्या 100 की बताई जा रही है जिसमें अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के नागरिक हो सकते हैं. इस बीच गाजा इलाके के बारे में इजरायली फौज का कहना है कि सघन सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. हमास के कुछ आतंकी वहां छिपे हो सकते हैं. लिहाजा पहली नजर में इजरायल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंधकों की सुरक्षित रिहाई है. हमास से बातचीत के लिए ओमान की तरफ से पेशकश की गई है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

7 अक्टूबर को हमास ने किया था हमला

इजरायल- हमास जंग पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका पूरी तरह इजरायल के साथ है. उन्होंने कहा कि आतंकी हरकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. इन सबके बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास को उस तरह से सबक सिखाएंगे कि पीढ़ियां याद करेंगी. इन सबके बीच गाजा पट्टी के साथ साथ लेबनान की सीमा पर भी बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की गई है.

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