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खबरों के खिलाड़ी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस्राइल-हमास के बीच बीते एक हफ्ते से जंग जारी है। हमास के रॉकेट हमलों का इस्राइल मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। इस संघर्ष का असर भारत में भी देखा जा रहा है। इस्राइल से भारतीयों को लाने के लिए ऑपरेशन अजय चलाया जा रहा है। दूसरी ओर इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। कांग्रेस की तरफ से पारित किए गए एक प्रस्ताव पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने हैं। वेस्ट बैंक के हालात से भारत में वोट बैंक की फिक्र तक इस पर कितनी सियासत हो रही है? इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए खबरों के खिलाड़ी की इस कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार राहुल महाजन, विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, समीर चौगांवकर और प्रेम कुमार मौजूद रहे। आइए जानते हैं उनके विचार…
1. इस्राइल पर भारत और कांग्रेस के रुख को किस तरह देखते हैं?
राहुल महाजन: विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत शांतिपूर्ण इस्राइल का पक्षधर है। भारत और इस्राइल के रिश्ते बीते कुछ वक्त में सुदृढ़ हुए हैं। वहीं, दूसरा बयान जो कांग्रेस की तरफ से आया, वह भारत की अब तक चली आ रही विदेश नीति को दर्शाता है।
पूर्णिमा त्रिपाठी: हमारे देश में एक बहुत की दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हम हर चीज को अपने हिसाब से देखने लगते हैं। हमास के अत्याचार पर राजनीति करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
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