Home World ISIS से अधिक खतरनाक क्यों है हमास, बाइडेन- नेतन्याहू मुलाकात के मायने समझिए

ISIS से अधिक खतरनाक क्यों है हमास, बाइडेन- नेतन्याहू मुलाकात के मायने समझिए

0
ISIS से अधिक खतरनाक क्यों है हमास, बाइडेन- नेतन्याहू मुलाकात के मायने समझिए

[ad_1]

Joe Biden- Benjamin Netanyahu meeting: 7 अक्टूबर 2023 दिन शनिवार था. इजरायल को इस बात का अंदेशा नहीं था कि फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास दुस्साहसिक तरीके से उसके देश को निशाना बना सकता है. फिल्मी अंदाज में इजरायल की सीमा में दाखिल हो जाना, करीब 20 मिनट में पांच हजार रॉकेट दाग देना. हमास के इस एक्शन के बाद इजरायल की तरफ से प्रतिक्रिया का दौर जो शुरू हुआ वो आज भी जारी है. वैश्विक जगत इस मामले में दो धड़ों में बंट चुका है. एक तरफ जहां अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी खुलकर इजरायल के समर्थन में है नहीं मुस्लिम देश फिलिस्तीन के साथ उठ खड़े हुए हैं. इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तेल अवीव पहुंचे. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से द्विपक्षीय बात की और कहा कि ISIS से भी ज्यादा खतरनाक हमास है, उसी सुर में नेतन्याहू ने कहा कि हमास का अंत करके ही दम लेंगे.

बाइडेन ने क्या कहा

  • हमास ISIS से भी खतरनाक

  • हमास ने बच्चों को मारा

  • हमास के लोगों ने नरसंहार किया

  • हमास के हमले में अमेरिकी भी मरे

  • अमेरिका पूरी तरह इजरायल के साथ

  • फिलिस्तीन का प्रतिनिधित्व हमास नहीं करता

  • ये अमेरिका के लिए मुश्किल की घड़ी

  • हमास ने इजरायलियों का कत्ल किया

नेतन्याहू ने क्या कहा

  • अमेरिका ने जो कहा पूरा किया.

  • अमेरिका ने अपने वादे निभाए.

  • हम हमास को खत्म करके ही दम लेंगे.

  • 7 अक्टूबर इजरायल के लिए काला दिन.

क्या कहते हैं जानकार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात के मायनों को समझना जरूरी है, नेतन्याहू से मुलाकात में बाइडेन ने कहा कि आतंकी संगठन हमास, ISIS से भी अधिक खतरनाक है. इसके साथ एक खास बात यह भी कही कि हमास पूरे फिलिस्तीन का प्रतिनिधित्व नहीं करता. इस संबंध में जानकार कहते हैं कि अमेरिका ने अपना नजरिया साफ कर दिया कि इजरायल जिस आक्रामक अंदाज में हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है वो उसका अधिकार है, इजरायली हमला, आतंकी संगठन के खिलाफ है ना कि किसी मुल्क के खिलाफ. इस तरह से उन्होंने इस्लामिक देशों को संदेश भी दिया कि आप इसे दो धर्मों के खिलाफ जंग ना समझें. इजरायल की कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ उस संगठन के खिलाफ है जो आतंक का पर्याय है और आतंकवाद या आतंकी संगठनों के खिलाफ अमेरिका का नजरिया पूरी तरह साफ है. 

जानकार कहते हैं कि अगर इजरायल के नजरिए से देखें तो हमास के किसी भी एक्शन के खिलाफ रिएक्शन उसके अस्तित्व से जुड़ा हुआ है. कमोबेश इस तरह का नजरिया इजरायल के सभी दलों का है, इजरायल का कहना है कि आखिर हम अपनी जमीन की बात करते हैं तो सदियों से दूसरों के कब्जे में रही. अब अगर उसकी जमीन पर कोई काबिज होने की कोशिश करेगा तो क्या उसे प्रतिक्रिया देने का अधिकार नहीं है लेकिन इस रुख का फिलिस्तीन विरोध करता रहा है. फिलिस्तीन के नीति नियामकों को लगता है कि इजरायल लालच भरी नजरों से हमारी तरफ देखता है वैसी सूरत में उसे अपने वजूद को बचाए रखने की चुनौती है.

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here