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शारदीय नवरात्रि में अष्टमी का खास महत्व होता है। इस दिन की अष्टमी को महाष्टमी कहते हैं और इस दिन खास तरह की पूजा आराधना होती है। यदि आपको यहां पर भी अष्टमी का पारण यानी उपवास को खोलते हैं तो उससे पहले जान लें कि इस दिन 5 प्रकार की पूजा होती है। यदि आप ये पूजा करते हैं तो माता रानी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होकर आशीर्वाद देंगी।
षोडशोपचार
दुर्गा अष्टमी के दिन मां की षोडशोपचार पूजा होती है। इसका अर्थ है कि मां महागौरी की 16 प्रकार के श्रृंगार करके उन्हें 16 प्रकार की सामग्रियां अर्पित की जाती हैं।
घर में हवन
यदि आप घर में पूजा कर रहे हैं तो सर्वप्रथ यज्ञवेदी की पूजा करें और उसके बाद ही हवन आरम्भ करें।
कन्या पूजन
बहुत से लोग अष्टमी तिथि को व्रत का पारण करते हैं तो ऐसे में कन्या भोज किया जाता है और अपने सामर्थ्यानुसार 9 कन्याओं की पूजा की जाती है इसे कुमारिका पूजा भी कहते हैं।
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