Home World गाजा में मौत का तांडव, अनहोनी की दशा में पहचान के लिए परिजनों ने मासूमों के पैरों पर लिखे नाम

गाजा में मौत का तांडव, अनहोनी की दशा में पहचान के लिए परिजनों ने मासूमों के पैरों पर लिखे नाम

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गाजा में मौत का तांडव, अनहोनी की दशा में पहचान के लिए परिजनों ने मासूमों के पैरों पर लिखे नाम

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Gaza News: गाजा में इजरायली बमबारी से हर तरफ तबाही का मंजर है. अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल है. मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है जिसे संभालने के लिए जगह की भारी कमी है और मुर्दाघर भर गए हैं. कुछ गाजावासी अपने बच्चों के पैरों पर उनका नाम लिख रहे हैं ताकि किसी अनहोनी के बाद उनकी पहचान करने में मदद मिल सके.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य गाजा के दीर अल बलाह में स्थित अल अक्सा शहीद अस्पताल में एक शिशु और मारे गए तीन बच्चों के नाम उनकी पैरों पर अरबी में लिखे हुए थे. यह साफ नहीं हो पाया कि क्या उनके माता-पिता भी मारे गए या नहीं. बच्चों के पैर पर नाम लिखने का यह चलन गाजा में आम हो गया है.

वेटिंलेटर पर निर्भर बच्चों का बचना मुश्किल
बिजली की सप्लाई नहीं होने की वजह से अस्पतालों में वेंटिलेटर पर निर्भर कई शिशुओं का जीवित रहना मुश्किल हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक अल-शिफा अस्पताल में नवजात शिशु विभाग यूनिट के प्रमुख डॉ. फुआद अल-बुलबुल ने कहा कि बिजली सप्लाई में अब कोई भी रुकावट ‘विनाशकारी’ होगी. रविवार को गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक वीडियो में उन्होंने यह बात कही.

हम केवल एक या दो को ही बचा सकते हैं
डा. बुलबुल ने कहा, ‘वेंटिलेटर पर निर्भर अधिकांश बच्चे जीवित नहीं रह पाएंगे क्योंकि हम केवल एक या दो बच्चों को ही बचा सकते हैं.’ अस्पताल के जनरेटर और बिजली चालू रखने के लिए जरूरी ईंधन आपूर्ति खतरनाक रूप से कम है.

इससे पहले रविवार को, फिलिस्तीन शरणार्थियों की मदद करने वाली संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने चेतावनी दी थी कि उसके ईंधन भंडार तीन दिनों में खत्म हो जाएंगे, जिससे गाजा में मानवीय प्रयास खतरे में पड़ जाएंगे.

हमारे पास कोई मेडिकल सप्लाई नहीं
अल-बुलबुल ने कहा, अल-शिफा अस्पताल की नर्सरी, जिसमें 45 इनक्यूबेटर हैं, मुख्य रूप से उच्च जोखिम वाले गर्भधारण के परिणामस्वरूप समय से पहले जन्मे बच्चों की देखभाल करती है.  उन्होंने कहा, ‘इस समय हमारे पास कोई मेडिकल सप्लाई नहीं है – इनमें वे दवाएं भी शामिल हैं जो जीवन के पहले दो घंटों में बच्चे के लिए जीवनरक्षक के रूप में जरूरी हैं.’

डॉक्टर ने खुलासा किया कि उनके पास सर्फेक्टेंट खत्म हो गया था. उन्होंने बताया रविवार को कैफीन साइट्रेट की अपनी आखिरी शीशी का इस्तेमाल भी वह कर चुके हैं.  उन्होंने बताया कि अधिकांश शिशु गंभीर रूप से बीमार हैं और मेडिकल टीम लगातार 18 दिनों तक काम कर अब थक चुकी है.

गाजा में अब तक 4600 से ज्यादा की मौत
इस बीच इजरायल की सेना का कहना है कि वह गाजा पर हवाई बमबारी बढ़ा रही है. इजरायली आर्मी ने एक बार फिर नागरिकों से गाजा पट्टी के उत्तरी हिस्सों को छोड़ने का आदेश  दिया है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर से गाजा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,651 हो गई है और 14,245 से अधिक घायल हुए हैं.

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को हमास के अभूतपूर्व हमले के बाद से इजरायल लगातार गाजा पर बमबारी कर रहा है. इन हमलों में 1400 इजरायली नागरिक मारे गए हैं.

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