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इस साल के गोवा फिल्म फेस्टिवल यानी भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान भारतीय पैनोरमा में दिखाई जाने वाली 25 फीचर फिल्मों और 20 गैरफीचर फिल्मों की सूची राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) की तरफ से सोमवार को जारी कर दी गई है। एनएफडीसी और सूचना व प्रसारण मंत्रालय हर साल देश भर की ऐसी चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन गोवा फिल्म फेस्टिवल में इस श्रेणी के तहत करता है जो अपने कथ्य, निर्माण और कलात्मकता में उन उच्च मानदंडों का पालन करती हों, जिनके लिए इस श्रेणी का चलन शुरू किया गया। इस सूची में कानपुर के राकेश चतुर्वेदी ओम की वह फिल्म ‘मंडली’ भी शामिल है जिसके ट्रेलर को सेंसर बोर्ड के मुंबई कार्यालय से पास कराने के लिए राकेश कई बार अपमानित हो चुके हैं।
| फिल्म | भाषा | निर्देशक |
| आरारीरारू | कन्नड़ | संदीप कुमार वी |
| आट्टम | मलयालम | आनंद एकर्षि |
| अर्धांगिनी | बंगाली | कौशिक गांगुली |
| डीप फ्रिज | बंगाली | अर्जुन दत्ता |
| ढाई आखर | हिंदी | प्रवीण अरोड़ा |
| इरट्टा | मलयालम | रोहित एम जी कृष्णन |
| कादल एनबातु पोतु उदमाई | तमिल | जयप्रकाश राधाकृष्णन |
| काथल | मलयालम | जेओ बेबी |
| कांतारा | कन्नड़ | ऋषभ शेट्टी |
| मलिकाप्पुरम | मलयालम | विष्णु शशि शंकर |
| मंडली | हिंदी | राकेश चतुर्वेदी ओम |
| नीला नीरा सूरियां | तमिल | संयुक्ता विजयन |
| न्ना थान केस कोडू | मलयालम | गणेशराज |
| रबींद्र काब्य रहस्य | बंगाली | सयांतन घोषाल |
| सना | हिंदी | सुधांशु सरिया |
| द वैक्सीन वार | हिंदी | विवेक अग्निहोत्री |
| वध | हिंदी | जसपाल सिंह संधू |
| विदुथलाई पार्ट 1 | तमिल | वेट्री मारन |
| 2018 एवरीवन इज ए हीरो | मलयालम | जे ए जोसफ |
| गुलमोहर | हिंदी | राहुल वी चिट्टेला |
| पोन्नियिन सेल्वन पार्ट | तमिल | मणिरत्नम |
| सिर्फ एक बंदा काफी है | हिंदी | अपूर्व सिंह कर्की |
| द केरल स्टोरी | हिंदी | सुदीप्तो सेन |
किसी भी फिल्म का गोवा फिल्म फेस्टिवल के पैनोरमा सेक्शन में चुनाव काफी सम्मानजनक माना जाता है। इन फिल्मों को भारतीय सिनेमा की प्रतिनिधि फिल्में तो माना ही जाता है, भारत सरकार की तरफ से बाद में इन फिल्मों का राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में भी भारत की प्रतिनिधि फिल्मों की तरह से प्रदर्शन किया जाता है। साल 1978 में शुरू हुए भारतीय पैनोरमा सेक्शन में चुनी गई फिल्मों के निर्देशकों का गोवा फिल्म फेस्टिवल में सम्मान भी खूब होता है।
इस साल पैनोरमा सेक्शन में भारत की तरफ से ऑस्कर पुरस्कारों में भेजी गई आधिकारिक प्रविष्टि फिल्म ‘2018’ के अलावा मनोज बाजपेयी की दो फिल्में ‘गुलमोहर’ और ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ शामिल की गई हैं। इसके अलावा निर्देशक राकेश चतुर्वेदी ओम की फिल्म ‘मंडली’ को भी भारतीय पैनोरमा के लिए चुना गया है। दिलचस्प तथ्य ये भी है कि इसी फिल्म के ट्रेलर को सेंसर सर्टिफिकेट देने के लिए सेंसर बोर्ड का मुंबई दफ्तर राकेश को बीते दो हफ्तों से टहलाता रहा है। राकेश के मुताबिक, इसके लिए उन्हें घंटों तक रिसेप्शन पर बिठाकर अपमानित भी किया जा चुका है।
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