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China Canada Relationship: आखिर कनाडा बहकी बहकी बातें क्यों कर रहा है. कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के सामने वो कौन सी मजबूरी है. क्या कनाडा, किसी के दबाव में तल्खी भरे बयान दे रहा है कि या सिर्फ घरेलू राजनीति की विवशता ने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया है. खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मर्डर केस में कनाडा ने भारत के साथ रिश्ते खराब कर लिए हैं. अब चीन के साथ भी उसकी तल्खी बढ़ रही है. चीन ने कनाडा को आगाह किया है कि बेहतर होगा कि बयानों में संयम बरता जाए. हाल ही में जिस तरह से कनाडा ने चीन के बारे में झूठ का प्रचार किया है उससे दोनों देशों के रिश्ते बेपटरी हो जाएंगे. इन सबके बीच यह जानना जरूरी है कि आखिर कनाडा पर चीन इतना गरम क्यों है.
आखिर कनाडा ने क्या कह दिया
दरअसल कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि चीन से जुड़ा एक संगठन पीएम जस्टिन ट्रूडो के बारे में गलतफहमी फैला रहा है. यही नहीं वह संगठन कनाडा सरकार के दूसरे बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रामक बातें कर रहा है. यही नहीं झूठ से सने वीडियो के जरिए कनाडा की छवि को धुमिल किया जा रहा है. इस तरह के आरोपों पर चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह के झूठ के कारोबार से दोनों देशों के रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं. कनाडा ने कई मौकों पर चीन पर उनके राजनेताओं के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का झूठा आरोप लगाया है, लेकिन इसे साबित करने के लिए कभी कोई सबूत नहीं दिखाया.
मई 2023 से तनातनी
चीन और कनाडा के बीच तनातनी की शुरुआत इसी वर्ष मई के महीने से शुरू हो चुकी थी. कनाडा के सांसद को डराने धमकाने से जुड़े मामले में ट्रूडो सरकार का मानना था कि यह सब चीनी दूतावास के इशारे पर किया गया था और उसके लिए चीनी राजदूत को तलब भी किया गया था. हालांकि चीन ने तब भी ऐतराज जताया था लेकिन दोनों देशों के रिश्तों पर बर्फ जमने का आगाज हो चुका था. इस तरह की स्थिति पर कनाडा के सांसद माइकल चोंग ने कहा थी कि हमारे देश के आंतरिक मामलों में चीन लगातार दखल दे रहा है. लेकिन सरकार ने आंख मूंद लिया है. यही नहीं इस तरह का दावा भी किया गया कि हांगकांग में चोंग के परिवार को चीन की खु्फिया एजेंसी निशाना भी बना सकती है.
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