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इसरो ने चंद्रयान तीन पर शेयर किया अपडेट
– फोटो : social media
विस्तार
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर ऐतिहासिक कामयाबी पाने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने भारत के मून मिशन- चंद्रयान-तीन पर बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसरो ने बताया है कि चंद्रयान के साथ भेजा गया विक्रम लैंडर जब चांद की सतह पर उतर रहा था, उस समय शानदार ‘इजेक्टा हेलो’ बना। अंतरिक्ष विज्ञान के इस जटिल घटनाक्रम के बारे में इसरो ने बताया कि आसान भाषा में विक्रम लैंडर के उतरते समय हुई घटना को चांद की सतह पर उड़ने वाली धूल के तौर पर समझा जा सकता है।
विक्रम लैंडर के उतरने के बाद उड़ी दो टन धूल, 108 वर्गमीटर दायरे में फैलाव
चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी के बाद एक और बड़े अपडेट में इसरो के खगोल विज्ञानियों ने बताया है कि विक्रम लैंडर जब चांद की सतह पर उतर रहा था उस समय लगभग दो टन धूल उड़ी। धूल उड़ने के बाद चांद की सतह पर आभामंडल बना। विक्रम लैंडर ने जब चांद की सतह को चूमा उस समय उड़ी धूल 108 वर्गमीटर दायरे में फैली। इस अभूतपूर्व खगोलीय और वैज्ञानिक घटना को इसरो ने इजेक्टा हेलो बताया है।
Chandrayaan-3 Results:
On August 23, 2023, as it descended, the Chandrayaan-3 Lander Module generated a spectacular ‘ejecta halo’ of lunar material.
Scientists from NRSC/ISRO estimate that about 2.06 tonnes of lunar epiregolith were ejected and displaced over an area of 108.4 m²…
— ISRO (@isro) October 27, 2023
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