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भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद
– फोटो : Twitter
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विपक्ष के कई नेताओं ने एपल फोन पर आए हैकिंग अलर्ट को लेकर सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। जिन पर अब भाजपा ने पलटवार किया है और विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद और फर्जी करार दिया है। भाजपा ने कहा है कि आरोपों पर एपल सफाई दे क्योंकि कथित तौर पर उन्हीं की तरफ विपक्षी नेताओं को अलर्ट संदेश भेजे गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार पर आरोप लगाने के बजाय इन नेताओं को एपल के सामने इस मामले को उठाना चाहिए और एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।
‘विपक्षी नेताओं को एफआईआर करने से किसने रोका’
भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि ‘कोई भी टेलीफोन कंपनी ऐसा कुछ नहीं करती है।’ विपक्षी नेताओं के आरोपों के बारे में जब भाजपा नेता से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि ‘इस पर सफाई देना एपल का काम है और अगर विपक्षी नेताओं को कोई परेशानी है तो उन्हें एफआईआर दर्ज करानी चाहिए, उन्हें कौन रोक रहा है!’ बता दें कि कई विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को दावा किया है कि उन्हें एपल से संदेश मिला है, जिसमें उन्हें आगाह किया गया है कि सरकार प्रायोजित हैकर्स उनके आईफोन में छेड़छाड़ कर सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने अपने दावे के पक्ष में स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं।
इन विपक्षी नेताओं ने लगाए आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि पेगासस मैलवेयर मामले में जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने राहुल गांधी से जांच के लिए अपना फोन उनके पास जमा करने को कहा था तो राहुल गांधी ने इनकार कर दिया था। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) प्रियंका चतुर्वेदी, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, आप सांसद राघव चड्ढा, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पवन खेड़ा ने एपल का अलर्ट संदेश मिलने का दावा किया है।
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