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एपल की ओर से अलर्ट आने के विवाद पर सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र के साथ ही उन्होंने एपल से मिले अलर्ट की एक प्रति भी साझा की है। इसमें उन्होंने कहा कि हमारी निगरानी की जा रही है। राज्य लोकतंत्र का विरोधी है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि उनके मोबाइल फोन तक रिमोट एक्सेस का इस्तेमाल उनके डिवाइस पर जानकारी प्लांट करने और फिर उन्हें दोषी ठहराने के लिए किया जा सकता है।
येचुरी के पत्र में क्या है?
मोदी को लिखे अपने पत्र में सीताराम येचुरी ने कहा कि यह भारत के संविधान द्वारा अपने सभी नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। एक निगरानी राज्य लोकतंत्र के विपरीत है। सीपीआईएम नेता ने पत्र में कहा कि मेरा काम एक खुली किताब है और छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए, इस तरह की जासूसी का इरादा मेरे मोबाइल में कोई मनगढ़ंत सामग्री डालने और फिर उसके आधार पर मुझे दोषी ठहराने का है। पत्र में उन्होंने कहा कि आपके नेतृत्व वाली इस सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग को देखते हुए ऐसी संभावना वास्तविक है।
पीएम मोदी से मांगी प्रतिक्रिया
येचुरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के संविधान को कायम रखने की शपथ ली है। इसके बजाय, लोकतंत्र और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का घोर उल्लंघन हो रहा है। यह अस्वीकार्य है। पत्र में येचुरी ने पीएम मोदी से उनकी प्रतिक्रिया भी मांगी है।
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