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संसद परिसर में महुआ मोइत्रा
– फोटो : PTI
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एपल की ओर से अलर्ट आने के बाद से ही विपक्ष ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेना जारी रखा है। दरअसल, मंगलवार 31 अक्तूबर को प्रियंका चतुर्वेदी, शशि थरूर, महुआ मोइत्रा, राघव चड्ढा समेत विपक्ष के कई नेताओं के पास एपल की ओर से अलर्ट आया कि उनके फोन को हैक किया जा सकता है। इसके बाद तमाम नेताओं ने मोदी सरकार को घेरना शुरू किया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह सदन के सदस्यों को संरक्षण प्रदान करें, ताकि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन करना जारी रख सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार द्वारा गैरकानूनी निगरानी है जो संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों पर सबसे बुरा हमला है। बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा, ‘‘विपक्षी नेताओं को एक संदेश मिला है कि उन्हें सरकार प्रायोजित सेंधमारों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है जो उपकरणों के साथ दूर से छेड़छाड़ करने और उनके डेटा, संचार तथा यहां तक कि कैमरा और माइक्रोफोन तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने कहा, ‘‘उस पेगासस सॉफ्टवेयर (जो केवल सरकारों को बेचा गया) के मामले के मद्देनजर यह खतरा दोगुना चौंकाने वाला है जिसका उपयोग 2019-2021 के दौरान विपक्ष के विभिन्न सदस्यों, असंतुष्ट पत्रकारों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के उपकरणों से छेड़छाड़ करने के लिए किया गया था।’’
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