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दरअसल, सचिन पायलट ने मंगलवार को टोंक से नामांकन दाखिल किया। नामांकन भरने के बाद दिए एफिडेविट में पत्नी के नाम के आगे उन्होंने ‘तलाकशुदा’ लिखा है। पायलट और सारा ने 2004 में लव मैरिज की थी। करीब 19 साल बाद दोनों ने अपनी राहें बदल लीं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पायलट और सारा का तलाक कब हुआ? आइए, जानतें हैं इनकी लव स्टोरी कहां और कैसे शुरू हुई…।
नौकरी के बाद विदेश गए पायलट
दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद ने गुडगांव की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में ढाई-तीन साल नौकरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह विदेश चले गए। विदेश में पढ़ाई के दौरान पायलट की मुलाकात सारा अब्दुल्ला से हुई। सारा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। सारा और सचिन के बीच हुई पहली मुलाकात ने उनके बीच दोस्ती का बीच वो दिया। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती हुई और ये प्यार में बदल गई।
मजहब बना प्यार में दीवार
पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन पायलट विदेश से भारत लौट आए, लेकिन दोनों के बीच का प्यार कम नहीं हुआ। कई साल तक दोनों एक दूसरे से बात करते रहे और फिर उन्होंने एक होने का फैसला किया। उन्होंने तय कि अब अपने-अपने परिवार को इस बारे में बताया जाए। दोनों ने हिम्मत करके ये काम कर तो दिया, लेकिन सारा के मुस्लिम और पायलट से हिंदू होने के कारण उनके प्यार के बीच मजहब की दीवार खड़ी हो गई।
2004 में दोनों ने की शादी
दोनों परिवारों ने उनकी शादी कराने से साफ इनकार कर दिया। फारूक अब्दुल्ला इस शादी के सख्त खिलाफ थे। सारा ने अपने पिता को शादी के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उधर, पायलट के परिवार ने उनके फैसले पर सहमति की मोहर लगा दी। इसके बाद 2004 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। लेकिन, इस शादी में सिर्फ पायलट परिवार के सदस्य ही शामिल हुए। अब्दुल्ला का परिवार शामिल नहीं हुआ था।
सांसद बने तो अब्दुल्ला परिवार ने स्वीकार किया
पिता राजेश पायलट की मौत के बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं कि सचिन पायलट को राजनीति में आना पड़ा। उस समय उनकी उम्र महज 26 साल की थी। पायलट के सांसद बनने के बाद अब्दुल्ला परिवार ने सचिन और सारा के रिश्ते को स्वीकार किया था। शादी के 19 साल में दोनों एक दूसरे से अलग हो गए।
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