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जबलपुर शहर से तकरीबन 32 किलोमीटर दूर नागपुर हाईवे पर एक गांव है महंगवां।
– फोटो : Amar Ujala
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जबलपुर के महंगवां गांव में रहने वाली इंदोबाई को प्रदेश में कितना विकास हुआ, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह कहती हैं कि उनके गांव को जाने वाली सड़क कई साल से कच्ची की कच्ची ही है। वह इशारा करके बताती है कि हाईवे के एकदम किनारे बसे उनके गांव में जाने वाली यह सड़क बरसात में लबालब पानी से भरी होती है। इसी हाईवे से न जाने कितने बड़े अधिकारी नेता और मंत्री गुजर जाते हैं, लेकिन कोई यह पूछने नहीं आता कि गांव में जाने के लिए आखिर लोग कितना परेशान होते हैं।
इसी तरह गांव के जगदंबा भी अपने बेटे की बेरोजगारी को लेकर बड़े परेशान हैं। कहते हैं कि बेटे ने पटवारी की परीक्षा दी थी, लेकिन उसका अंजाम क्या हुआ यह सबको पता है। ऐसी न जाने कितनी छोटी-बड़ी परेशानियों से जबलपुर के महंगवां गांव के लोग रूबरू होते हैं। अमर उजाला डॉट कॉम ने मध्य प्रदेश में ऐसे ही कुछ अलग-अलग गांव के लोगों से बात कर विधानसभा के चुनाव के मुद्दे समझे। आइए पढ़ते हैं ग्राउंड रिपोर्ट…
जबलपुर शहर से तकरीबन 32 किलोमीटर दूर नागपुर हाईवे पर एक गांव है महंगवां। इस गांव में रहने वाले लोगों का दर्द यह है कि जब चुनाव आता है तो लोग वोट मांगने तो आ जाते हैं, लेकिन सुविधाओं की बारी आती है तो किसी के दर्शन नहीं होते। इस गांव में अपनी पूरी जिंदगी गुजार देने वाली इंदोबाई कहती है कि उनको प्रदेश के विकास से क्या मतलब जब उनके गांव की सड़क ही नहीं बनी।
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