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Gaza: गाजा में युद्ध के 30वें दिन फोन-इंटरनेट बंद; PM नेतन्याहू बोले- बंधकों के रिहा होने तक युद्धविराम नहीं

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Gaza: गाजा में युद्ध के 30वें दिन फोन-इंटरनेट बंद; PM नेतन्याहू बोले- बंधकों के रिहा होने तक युद्धविराम नहीं

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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल)
– फोटो : ANI



विस्तार


इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष में एक महीने के दौरान 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सात अक्तूबर को हुए अंधाधुंध रॉकेट हमलों में 1400 इस्राइली नागरिकों के मारे जाने के बाद हमास के आतंकी ठिकानों पर इस्राइली सेना ने ताबड़तोड़ हमले किए हैं। गाजा पट्टी में जमीनी कार्रवाई भी हो रही है। युद्ध की विभीषिका के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्धविराम को लेकर बड़ा बयान दिया। गाजा में तमाम पाबंदियों के बीच इंटरनेट बंद करने की खबरें भी सामने आई हैं।

युद्धविराम बंधकों की रिहाई पर निर्भर, गाजा में इंटरनेट बंद

इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमास के कब्जे से बंधकों की रिहाई होने तक सीजफायर यानी युद्धविराम के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा। पीएम नेतन्याहू ने रविवार को दो टूक लहजे में कहा कि जब तक हमास बंधकों को रिहा नहीं करता, इस्राइल  गाजा में युद्धविराम पर सहमत नहीं होगा। बता दें कि युद्ध की शुरुआत के बाद पीएम नेतन्याहू ने कहा था कि वे हमास को नेस्तनाबूंद करने तक चैन से नहीं बैठेंगे। इसी बीच रविवार देर रात आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजा पट्टी में इस्राइल ने टेलीकम्युनिकेशन और इंटरनेट की सेवाएं भी बंद कर दी हैं।

द टाइम्स ऑफ़ इस्राइल  की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से रविवार को जारी बयान में कहा गया, “इसे (‘युद्धविराम’ शब्द) शब्दकोष से बाहर निकालें। हम इसे तब तक जारी रखेंगे जब तक हम उन्हें हरा नहीं देते; हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।”

इस्राइली वायु सेना कर्मियों के साथ अपनी बातचीत में, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे दुश्मनों ने हमें गलत समझा। उन्होंने सोचा कि एक महत्वपूर्ण दिन पर, (सैनिक) सामने नहीं आएंगे। हमने एक साथ दिखाया, और अब हम कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं।” 

खबरों के मुताबिक नेतन्याहू इस्राइल के विवादित और अटके हुए न्यायिक बदलाव के कारण सरकार के भीतर ही विरोध का सामना कर रहे हैं। उन्होंने खुद इसका संकेत भी दिया। इस साल की शुरुआत में, नेतन्याहू की पहल पर न्यायिक सुधार के प्रस्ताव का कुछ रिजर्विस्टों ने पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि वे स्वयंसेवक रिजर्व ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करना बंद कर देंगे।

बता दें कि गाजा में स्थिति अस्थिर बनी हुई है, इस्राइल बंधकों की रिहाई के लिए दबाव बना रहा है। नेतन्याहू की सरकार तत्काल युद्धविराम के आह्वान को लगातार खारिज कर रही है। इसी बीच गाजा पर इस्राइल  की भारी बमबारी तेज हो गई है।पिछले 24 घंटों में तीन शरणार्थी शिविरों पर कथित तौर पर इस्राइली हमलों में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। 7 अक्तूबर से शुरू हुए हिंसक संघर्ष के बाद गाजा पर इस्राइल हमलों में कम से कम 9,770 फलस्तीनी मारे गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल  में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं।

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