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पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह
– फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री एवं डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए मामले में मंगलवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया है। जम्मू की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने आज पूर्व मंत्री लाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया। इसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
इसकी सूचना मिलते ही जम्मू शहर नरवाल स्थित ईडी कार्यालय के बाहर उनके समर्थक एक बार फिर जमा होना शुरू हो गए हैं। समर्थक नारेबाजी करते हुए चौधरी लाल सिंह से उनकी पत्नी को मिलने दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
क्या है मामला
पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी एवं पूर्व विधायक कांता अंडोत्रा द्वारा संचालित आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना के लिए भूमि खरीद में अनियमितताओं को लेकर ईडी जांच कर रही है। इससे पहले सोमवार और शनिवार को ईडी की ओर से करीब 21 घंटे तक उनसे सवाल पूछे गए। दोनों दिन पूर्व मंत्री के समर्थक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
अदालत ने मंगलवार को एजेंसी के साथ सहयोग करने के निर्देश के साथ कांता अंडोत्रा और उनकी बेटी क्रांति सिंह को अंतरिम अग्रिम जमानत की अवधी 30 नवंबर तक बढ़ा दी है।
चौधरी बोले-डोगरों की लड़ाई लड़ने पर प्रताड़ित किया जा रहा
सोमवार को पूछताछ के बाद कार्यालय से बाहर आने पर चौधरी लाल सिंह ने कहा था कि ये मुसीबत इसलिए है, क्योंकि डोगरों की लड़ाई लड़ रहा हूं। अगर लड़ाई को आज खत्म कर दूं तो लाल सिंह बिल्कुल साफ हो जाएगा, लेकिन इतना कमजोर नहीं हूं कि अपनों को छोड़ दूं। वहीं, उनके आने पर जय डुग्गर जय डोगरा के नारे लगे। इस दौरान चौधरी लाल ने समर्थकों को कहा कि अब वक्त है सभी डोगरों को एकजुट होना होगा।
ईडी प्रश्न के उत्तर लिखवा रही है, लेकिन आपके समर्थन से ताकत मिल रही है। सरकार की ओर से पूरे परिवार की प्रताड़ना की जा रही है। कुछ गलत नहीं किया, फिर भी जेल हो जाए तो गम नहीं है। परिवार ने एजुकेशन ट्रस्ट बनाया जहां बच्चे पढ़ते हैं। हमने शराब और बार नहीं खोले। कुछ लोगों ने जम्मू को बर्बाद किया है।
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