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Assam Police has arrested Congress MLA Aftabuddin Mollah for allegedly making derogatory remarks about the priests, namgharias and saints. A case has been registered at Dispur police station under sections 295(a)/ 153A(1)(b)/505(2) IPC), confirms DGP GP Singh
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— ANI (@ANI) November 8, 2023
कांग्रेस विधायक ने कब दिया विवादित बयान
बता दें कि असम के धेमाजी जिले में नामघरिया गांव है। यहां रहने वाले लोगों को नामघरिया कहा जाता है। नामघरिया वैष्णव पद्धति से उपासना वाले धार्मिक जगहों की देखभाल करते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, असम पुलिस ने बताया कि अपमानजनक टिप्पणी का मामला बीते चार नवंबर का है। कथित तौर पर कांग्रेस विधायक ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पुजारी, नामघरिया और संतों को लेकर विवादित बयान दिया।
किस सीट से विधायक हैं फायरब्रांड कांग्रेस नेता?
गौरतलब है कि असम की जलेश्वर विधानसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस विधायक आफताबुद्दीन मोल्लाह फायरब्रांड नेता के रूप में जाने जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मोल्लाह बीते चार नवंबर को गोलपारा जिले के दौरे पर थे। यहां एक कार्यक्रम के दौरान इन्होंने पुजारियों, नामघरिया और संतों से जुड़े भड़काऊ बयान दिए। शिकायत के बाद असम पुलिस ने मामला दर्ज कर आफताबुद्दीन मोल्लाह को गिरफ्तार किया। पुलिस की तरफ से गिरफ्तार नेता की पहचान बाद में सार्वजनिक की गई।
कांग्रेस और INDIA पर सनातन के बाद हिंदुओं के अपमान का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मामले में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सनातन पर हमले के बाद अब इंडी एलायंस (I.N.D.I.A.) हिंदू संतों पर हमला कर रहा है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि स्टालिन का जिक्र करते हुए अपने एक्स पोस्ट में ‘स्टालिन से मोल्ला तक!’ भी लिखा। पूनावाला ने सवाल किया कि क्या इनमें किसी मौलवी या पुजारी के बारे में ऐसा कहने का साहस होगा? हिंदुओं पर यह लगातार हमला क्यों? उनकी आस्था पर, प्रभु श्री राम, राम मंदिर, राम चरितमानस और अब साधुओं पर। सब वोट बैंक के लिए? क्या राहुल गांधी उन पर कार्रवाई करेंगे?
असम कांग्रेस ने थमाया नोटिस
आफताबुद्दीन के भड़काऊ बयान पर पार्टी ने भी सख्ती दिखाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम प्रदेश कांग्रेस समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने बीते पांच नवंबर को मोल्लाह को घृणित टिप्पणी मामले में नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया, धर्मनिरपेक्ष डेमोक्रेटिक राजनीतिक पार्टी होने के नाते, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नफरत फैलाने और धार्मिक और सांप्रदायिक जहरीली टिप्पणियों के कार्यों के पूरी तरह से खिलाफ है।
सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश
पार्टी ने यह भी दावा किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सिद्धांत और दृष्टिकोण कभी भी संतों, पुजारियों, पीरों, मौलानाओं या नामघरियाओं के खिलाफ नहीं है। कांग्रेस ने हमेशा उनका सम्मान किया है। भूपेन बोरा ने मोल्लाह के बयान पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा, “मैं बेहद नाखुश हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि आप अपना बयान वापस लें और तुरंत मीडिया के सामने सार्वजनिक माफी मांगें।”
असम के स्थानीय निवासी ने FIR दर्ज कराई
गुवाहाटी के भेटापारा इलाके के निवासी की पुलिस कंप्लेन के बाद जारी किया गया। मोल्लाह के खिलाफ पूर्वी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त के पास एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मोल्लाह के खिलाफ एफआईआर को लेकर आई खबरों के अनुसार, कांग्रेस विधायक पर जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण भाषण देने का आरोप लगाया गया है। बयान से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। विधायक पर धार्मिक वैमनस्यता और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। बयान से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका भी जाहिक की गई है।
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