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महुआ मोइत्रा, निशिकांत दुबे (फाइल)
– फोटो : ANI
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संसद में सवाल के बदले पैसा मामले में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने निष्कासन की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। “कैश-फॉर-क्वेरी” विवाद में संसद की आचार समिति ने महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश की है। महुआ मोइत्रा ने लोकसभा आचार समिति के फैसले को “कंगारू अदालत का पूर्व निर्धारित निर्णय” करार दिया। उन्होंने कहा कि फैसला दर्शाता है कि भारत में “संसदीय लोकतंत्र की मृत्यु” हो रही है।
बता दें कि भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने गुरुवार को मोइत्रा के निष्कासन का सुझाव देने वाली अपनी रिपोर्ट को अपनाया। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए टेलीफोनिक साक्षात्कार में महुआ मोइत्रा ने कहा, “भले ही वे मुझे इस लोकसभा में निष्कासित कर दें, मैं अगली लोकसभा में बड़े जनादेश के साथ वापसी करुंगी।”
मोइत्रा ने कहा, निष्कासन का फैसला कंगारू कोर्ट ने पहले से निर्धारित कर रखा था। इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए है। मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी की प्रक्रियाओं को कंगारू कोर्ट के समान बताया। उन्होंने दावा किया, “पहले दिन से, यह एक कंगारू अदालत थी। कोई सबूत नहीं, कोई निशान नहीं, कुछ भी नहीं। उन्होंने मुझे पूछताछ के लिए बुलाया, जो पूरी नहीं हुई क्योंकि चेयरपर्सन ने दूसरों को मुझसे सवाल करने की अनुमति नहीं दी।”
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