Home Breaking News MP Election 2023: राहुल का PM पर निशाना; कहा- मोदी के दिमाग से जाति गायब, हम सरकार आते ही कराएंगे जाति जनगणना

MP Election 2023: राहुल का PM पर निशाना; कहा- मोदी के दिमाग से जाति गायब, हम सरकार आते ही कराएंगे जाति जनगणना

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MP Election 2023: राहुल का PM पर निशाना; कहा- मोदी के दिमाग से जाति गायब, हम सरकार आते ही कराएंगे जाति जनगणना

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MP Election: Rahul targets PM; Says Caste has disappeared from Modi's mind, we will conduct caste census

सतना में राहुल गांधी ने संबोधित की जनसभा
– फोटो : अमर उजाला

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मध्यप्रदेश के सतना जिले में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिमोट कंट्रोल अदाणी के हाथ में है। मप्र को 53 अफसर चलाते हैं, इनमें सिर्फ एक अफसर ओबीसी है। अगर मप्र का बजट 100 रुपये है तो ओबीसी अफसर सिर्फ 33 पैसे पर निर्णय लेता है। मतलब आबादी 50 फीसदी, लेकिन भागीदारी 100 रुपये में सिर्फ 33 पैसे। राहुल ने कहा कि मोदी और शिवराज ने हमारी सरकार चोरी की, क्योंकि वे जानते हैं कि कांग्रेस सरकार अदाणी के लिए काम नहीं करेगी। जैसे ही मप्र में कांग्रेस सरकार आएगी, सबसे पहला कदम जातीय जनगणना कराएंगे, केंद्र में आते ही राष्ट्रीय जातीय जनगणना कराएंगे।

‘मोदी के दिमाग से जाति हुई गायब’

कांग्रेस नेता ने कहा कि आपने प्रधानमंत्री मोदी को कभी दो दिन में एक ही सूट में देखा है क्या? मेरी सफेद शर्ट तो चलती है। मोदी जी दो करोड़ का सूट पहनते हैं। उनके कपड़े रोज नए और लाखों रुपये के होते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने अपने भाषण में कहा कि देश में सिर्फ एक जाति गरीब है। ओबीसी, दलित, आदिवासी नहीं हैं। मैंने जाति जनगणना की बात कर दी। इसलिए इनके दिमाग से जाति की बात गायब हो गई। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में कन्याकुमारी से कश्मीर तक मुझे सबसे ज्यादा ओबीसी के लोग मिले। मोदी-चौहान कहते हैं कि मप्र में ओबीसी की सरकार चल रही है। दिल्ली, मप्र की सरकार को सरकारी अफसर चलाते हैं। बच्चे भी अफसर बनना चाहते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि सरकार एमएलए नहीं चलाते।

‘जीएसटी गरीब जनता देती है’

रोजगार बड़े-बड़े उद्योगपति नहीं देते, छोटे व्यापारी उपलब्ध कराते हैं। इसलिए मोदी सरकार ने जीएसटी लगा दिया। ये जीएसटी देश की गरीब जनता देती है। पूरा पैसा अदाणी-अंबानी को पकड़ा देते हैं। अदाणी उस पैसे को अमेरिका, जापान और दुबई में घर खरीदने में खर्च करते हैं। मप्र में जो नींव थी उसे बीजेपी ने उखाड़ फेंक दिया। नींव किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा, छोटे दुकानदार और मध्यम व्यापार चलाने वाले हैं। बीजेपी ने 20 साल में इन्हें खत्म कर दिया।

‘किसानों को नहीं मिल रहे सही दाम’

मप्र में 18 साल में 18 हजार किसानों ने कर्ज के कारण आत्महत्या की। मैंने एक किसान से पूछा कि तुम्हारे पास कितनी जमीन है। उसने कहा कि ये जानकर क्या करूंगा, बेचना ही नहीं है। मप्र में सही रेट नहीं मिलता, इसके लिए कर्ज लेना पड़ता है।

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