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घायल प्रीति सिंह।
– फोटो : गोरखपुर समाचार।
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मेरे भैया मर गए हैं। आप लोग पापा को मत बताइएगा, वह बीमार रहते हैं, यह सुनकर वह भी मर जाएंगे। यह कहकर प्रीति सिंह रोने लगी।
प्रीति ने बताया कि वह रायबरेली से बीटेक कर रही है। बड़े भैया नीतीश झांसी से बीटेक कर रहे थे। दिवाली की छुट्टी मनाने के लिए कुशीनगर के सुकरौली अपने गांव जाना था। भैया ने फोन करके मुझे साथ लिया और लखनऊ से गोरखपुर आए थे। गोरखपुर में बस पकड़ कर कुशीनगर जा रहे थे कि बस का पहिया पंक्चर हो गया। इससे बस अनियंत्रित हो गई।
भैया पूरी तरह से स्वस्थ थे। बस रुक गई। फिर बस चालक ने कहा कि मैं दूसरी बस मंगा रहा हूं, आप उसी से चली जाइएगा। दूसरी बस आ गई थी। हम लोग उसमें सवार हो रहे थे। इसी बीच पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। मेरे सामने भैया के सिर में चोट लगी थी। वह तड़प रहे थे। मैं मदद के लिए गुहार लगा रही थी। जब तक मदद पहुंची, तब तक भैया की सांस थम गई थी।
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