Home Breaking News Suella Braverman: भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री एक ही साल में दो बार बर्खास्त, UK में विवादों से पुराना है नाता

Suella Braverman: भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री एक ही साल में दो बार बर्खास्त, UK में विवादों से पुराना है नाता

0
Suella Braverman: भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री एक ही साल में दो बार बर्खास्त, UK में विवादों से पुराना है नाता

[ad_1]

Suella Braverman Indian Origin UK politician UK Cabinet minister sacked twice

ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन (फाइल)
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


सुएला ब्रेवरमैन ब्रिटेन में गृह मंत्री बनने के बाद सुर्खियों में आई थीं। भारतीय मूल की नेता सुएला को ब्रिटेन की कैबिनेट से दो बार बर्खास्त किया गया। ऐसे में सुएला से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हो रही है। एक ही साल में दो बार उन्हें बर्खास्त किया गया। 43 वर्षीय भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री का हाउस ऑफ कॉमन्स की फ्रंटबेंच से अनौपचारिक विदाई चौंकाने वाली नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि विवादों से उनका पुराना नाता रहा है। 

प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अगुवाई वाली सरकार में गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन इसलिए भी चर्चा में आईं, क्योंकि लंदन की सड़कों पर फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मेट्रोपॉलिटन पुलिस को लेकर सख्त बयान दिया था। उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए सोमवार को ब्रेवरमैन को सुनक की कैबिनेट से हटाए जाने के बाद कई दिनों की अटकलों पर विराम लग गया। फैसले का एक कारण ब्रिटेन के राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी पक्षों से बढ़ते दबाव को भी माना जा रहा है।

हाल ही में ब्रेवरमैन ने बतौर गृह मंत्री इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच गाजा पट्टी में पैदा हुए मानवीय संकट के खिलाफ प्रदर्शन करने लंदन की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और हेट क्राइम के आरोपियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए थे। इससे पहले उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान अवैध प्रवासियों के “तूफान” जैसे शब्दों का उपयोग करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। ब्रेवरमैन प्रवासियों को रवांडा भेजना चाहती थीं। हालांकि,  ब्रिटेन की यह नीति कानूनी पचड़ों में उलझी हुई है।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ टकराव के अलावा द टाइम्स में सुएला ब्रेवरमैन के विवादास्पद लेख को भी उनकी बर्खास्तगी का कारण माना जा रहा है। इस्राइल-गाजा संघर्ष में युद्धविराम का आह्वान करने वाले प्रदर्शनकारियों से समान रूप से न निपटने का आरोप लगाते हुए ब्रेवरमैन ने कहा था कि पुलिस पक्षपात कर रही है।

ब्रेवरमैन ने अपनी विदाई पर कहा, “गृह सचिव के रूप में सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। आने वाले समय में मुझे और भी बहुत कुछ कहना होगा।” इसे सुनक की सरकार के लिए चेतावनी की घंटी माना जा रहा है क्योंकि सरकार से बाहर होने के बाद भी वे सुनक की मुखर आलोचना करती रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में गृह सचिव के रूप में ब्रेवरमैन के जाने को आधिकारिक तौर पर इस्तीफा बताया गया था। यह भी उसी तरह मजबूरी में उठाया गया कदम था जब लिज़ ट्रस ( Liz Truss) को सुएला को हटाना पड़ा था। ब्रिटेन में सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री रहने वाली लिज़ ट्रस अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में ‘मंत्रिस्तरीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन’ के कारण सुएला से अलग होना चाहती थीं।

ताजा घटनाक्रम में जब सुएला को हटाया गया है, एक अखबार के ऑप-एड से  ‘मंत्रिस्तरीय उल्लंघन’ का संकेत सामने आया है। इसके अनुसार सुएला प्रदर्शनकारियों को “घृणा मार्च करने वालों” के रूप में करार देने के अपने लेख को छपवाने पर अड़ी रहीं। इस कारण पीएम सुनक के दफ्तर- डाउनिंग स्ट्रीट में असहजता पैदा हुई। सुनक की मंजूरी के बिना ब्रेवरमैन ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर “निष्पक्षता से कार्रवाई न करने” (playing favourites) का आरोप लगाया।

हालांकि, ब्रिटिश सत्ता के गलियारों में एक धारणा यह भी है कि ब्रेवरमैन ने खुद अपने बॉस सुनक के सामने ऐसे हालात पैदा किए, जिससे उन्हें अगले साल होने आम चुनाव से पहले बर्खास्त करने के लिए उकसाया जा सके। सुएला का मानना है कि ऐसा करने के बाद टोरी पार्टी के धुर दक्षिणपंथी पक्ष में उनके प्रति समर्थन बढ़ेगा, सुनक को चुनाव में हार मिलेगी और प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो जाएगी।

बहरहाल, ब्रिटेन की सियासत से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक सुएला की नाटकीय बर्खास्तगी ने एक बार फिर ब्रिटेन की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर गहरे विभाजन को उजागर किया है। यही कारण है कि हाल के दिनों में सरकार में कई नेताओं और मंत्रियों के आने-जाने का क्रम बना हुआ है।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी लॉ ग्रेजुएट सुएला ने 2018 में रैल ब्रेवरमैन से शादी की। उनके मातृत्व अवकाश के कारण ब्रिटेन में लंबे समय से लंबित कानूनी बदलाव हुआ। इस कानूनी बदलाव से उन्हें पिछले साल अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने के दौरान भी कैबिनेट मंत्री बने रहने की अनुमति मिली। ब्रैवरमैन एक बौद्ध हैं जो लंदन बौद्ध केंद्र में नियमित रूप से जाती हैं। उन्होंने संसद में अपने पद की शपथ भगवान बुद्ध के कथनों पर आधारित धर्मग्रंथ ‘धम्मपद’ के आधार पर ली।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here