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Xi Jinping Joe Biden Meeting: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकीं थीं. शी जिनपिंग ने अमेरिका से संबंधों के सुधार में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस क्रम में उन्होंने जो बाइडेन के साथ चार घंटे की अलग मुलाकात भी की. इस मुलाकात का चीन और जिनपिंग को फायदा तो नहीं मिला, फजीहत जरूर हो गई. चार घंटे की बातचीत के बाद बाइडेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिनपिंग तानाशाह हैं.
बाइडेन ने शी जिनपिंग को तानाशाह कहा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने देर रात कैलिफोर्निया में यह मुलाकात की. ये मुलाकात APEC यानी एशिया-पैसेफिक इकोनॉमिक को-ऑपरेशन समिट से इतर हुई. मुलाकात के बाद पहले तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे रचनात्मक और सबसे सार्थक बातचीत में से एक बताया. वहीं कुछ ही देर बाद एक पत्रकार के सवाल पर बाइडेन ने एक बार फिर शी जिनपिंग को तानाशाह बताया.
चीन-अमेरिका के रिश्ते में खटास
बाइडेन ने कहा कि जिनपिंग एक ऐसे तानाशाह हैं, जो कम्युनिस्ट देश चलाते हैं. चीन की सरकार हमारी सरकार से बिल्कुल अलग है. अब सवाल ये उठता है कि बाइडेन के इन दोनों ही बयानों के क्या मायने निकाले जाएं. खास बात ये है कि इससे पहले जो बाइडेन ने शी जिनपिंग से मुलाकात को खास और रचनात्मक बताया. आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिनपिंग के लिए बाइडेन के बोल इस कदर बदल गए.
अमेरिका में नहीं गली चिनपिंग की दाल
दरअसल, कई घंटों तक चली इस मुलाकात के दौरान जिनपिंग ने बाइडेन को दो टूक सुना दी. जिनपिंग ने बाइडेन से कहा कि अमेरिका से ताइवान को हथियार ना मिले. इतना ही नहीं बाइडेन ने जिनपिंग के सामने भी हमास को लेकर अपनी शर्त दोहरा दी. उन्होंने कहा कि बंधकों को लेकर कोई समझौता नहीं हो पाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की शी जिनपिंग से करीब एक साल बाद आमने-सामने मुलाकात हुई. ये बात किसी से छिपी हुई नहीं है कि अमेरिका और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं.
दूर हो गई गलफहमी
इस मुलाकात को लेकर लगा था कि दोनों देशों के बीच चल रही खटास कम हो जाएगी. लेकिन कुछ घंटों बाद ही यह गलतफहमी दूर होती दिखाई दी. दुनिया के दो ताकतों के बीच ऐसी खाई दिख रही है, जिसे पाटना आसान नहीं होगा.
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