[ad_1]

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने पार्किंग ठेका देने की सीबीआई जांच के निर्देश देने वाले उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने राज्य सरकार की याचिका पर हैरानी जताई। सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका राज्य के सिंचाई विभाग से जुड़ी है। हाईकोर्ट ने पार्किंग ठेका दिये जाने की जांच सीबीआई से कराए जाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट को निष्पक्ष सीबीआई जांच का भरोसा
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के उक्त आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, ”हम समझते हैं कि ठेकेदार अदालत में आ रहा है, लेकिन हमें आश्चर्य है कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। अदालत को यकीन है कि सीबीआई उच्च न्यायालय की पीठ से पारित कथित विवादित आदेश में की गई अस्थायी टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी।”
हाईकोर्ट के आदेश में सीबीआई पर सख्त टिप्पणियां
शीर्ष अदालत ने कहा, सॉलिसिटर जनरल और याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील की दलीलों को सुनने के बाद, अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से पार्किंग ठेका मामले की जांच के निर्देश देने वाले आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं पाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “यह स्पष्ट है कि हाईकोर्ट के आदेश में की गई कथित विवादित टिप्पणियां इस निष्कर्ष पर पहुंचने के सीमित उद्देश्यों के लिए हैं कि सीबीआई के माध्यम से जांच की जरूरत है। इसे गुण-दोष के आधार पर उच्च न्यायालय की तरफ से दर्ज किए गए निष्कर्षों के रूप में नहीं समझा जाएगा।” इस मामले में राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
[ad_2]
Source link