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नीरव मोदी (फाइल फोटो)
– फोटो : एएनआई
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पीएनबी बैंक घोटाले में आरोपी भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की लंदन में एक अदालत में पेशी हुई। इस दौरान उसने अदालत को बताया कि वह अभी सालों तक ब्रिटेन में रह सकता है। उसने कहा कि कुछ कार्यवाही उसके प्रत्यर्पण को रोक सकती हैं। बता दें कि भारत जोर-शोर से उसके भारत प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगा हुआ है। वर्तमान में नीरव मोदी टेम्ससाइड जेल में है।
दरअसल, लंदन हाईकोर्ट में असफल प्रत्यर्पण अपील कार्यवाही पर 150,247 पाउंड की राशि के जुर्माने के संबंध में नीरव मोदी को पूर्वी लंदन की बार्किंगसाइड मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया था। इस दौरान नीरव ने तीन सदस्यीय मजिस्ट्रेट की पीठ को बताया कि उसने जुर्माने के रूप में प्रति माह 10,000 जीबीपी का भुगतान करने के पिछले अदालत के निर्देश का पालन किया था।
नीरव ने कही ये बात
इस दौरान उसे लगातार कैद में रखे जाने से जुड़ा सवाल भी किया गया। इस पर नीरव ने कहा, मैं रिमांड पर जेल में हूं और मुझे दोषी करार नहीं दिया गया है। मैं भारत सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध के कारण यहां हूं। प्रत्यर्पण कार्यवाही पूरी होने की समय सीमा के बारे में पता होने के सवाल पर नीरव ने कहा, दुर्भाग्य से नहीं। अदालत के स्थगन पर विचार विमर्श करने के बीच नीरव ने कहा, मैं साफ कर देता हूं, मुझे प्रत्यर्पण के लिए मार्च के मध्य में गिरफ्तार किया गया था। कुछ कार्यवाही अभी भी चल रही हैं जो भारत में मेरे प्रत्यर्पण को रोकती है। बहुत संभावना है कि मैं लंबे समय तक ब्रिटेन में ही रहूंगा। ये वक्त तीन महीने, छह महीने, या कई साल हो सकता है।
फरवरी 2024 में होगी अगली सुनवाई
इस दौरान सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए, नहीं चुकाये गए जुर्माने से जुड़े मामले को 8 फरवरी, 2024 तक के लिए स्थगित कर दिया। उस पर 70,247 पाउंड बकाया राशि की पुष्टि की गई है। इस राशि को लेकर नीरव मोदी ने कहा कि वह बकाया राशि को कम करने के लिए भुगतान करना जारी रखना चाहता है ताकि अदालत की अवमानना नहीं हो।
बता दें कि नीरव मोदी को 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। वह वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद है और प्रत्यर्पण कार्यवाही का सामना कर रहा है।
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