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Gaza War (File Photo)
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इस्राइली सेना ने शनिवार को गाजा में यूएन स्कूल पर बमबारी की, जिसमें दर्जनों फलस्तीनी शरणार्थी मारे गए। फलस्तीन में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों ने यह जानकारी दी। चिकित्सकों ने कहा कि दक्षिण गाजा में आवासीय ब्लॉकों पर शनिवार को इस्राइली सेना के हवाई हमलों में कम से कम 47 लोग मारे गए। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की फलस्तीनी शरणार्थी एजेंसी ने कहा कि उत्तरी गाजा में विस्थापित नागरिकों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर बमबारी में कई लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं।
डॉक्टरों ने कहा, इस्राइल ने लोगों को दक्षिण गाजा से फिर लोगों को हटने को कहा है, ताकि वह उत्तर पर कब्जा करने के बाद दक्षिण में भी हमास पर हमला कर सके। दक्षिण गाजा में उत्तर से चार लाख से ज्यादा आबादी पहले ही पलायन कर आई है, अब उनका दोबारा यहां से हटना मानवीय संकट बढ़ा सकता है।
बता दें, उत्तर से भागे लाखों लोग पहले ही दक्षिण में खान यूनिस शहर में गंभीर हालात में रह रहे हैं। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के सहयोगी मार्क रेगेव ने बताया, हम लोगों से हटने के लिए कह रहे हैं। मुझे पता है कि उनमें से कई के लिए यह आसान नहीं है, लेकिन हम नागरिकों को गोलीबारी में फंसते नहीं देखना चाहते।
इस्राइली आंकड़ों के मुताबिक, सात अक्तूबर को इस्राइल पर हुए हमले के बाद इस्राइली सेना ने गाजा शहर के अधिकांश हिस्से पर बमबारी कर उसे मलबे में तब्दील कर दिया है और गाजा के 23 लाख फलस्तीनियों में से करीब दो-तिहाई को विस्थापित कर दिया है। जो लोग भागे हैं उनमें से कई को डर है कि उनकी वापसी मुश्किल है। गाजा में अब तक मृतक संख्या 12,000 पार कर चुकी है, जिनमें से 5,000 बच्चे हैं।
शनिवार देर रात खान यूनिस के एक व्यस्त आवासीय जिले में एक बहुमंजिला ब्लॉक में दो इमारतों पर हवाई हमले में 26 फलस्तीनी मारे गए और 23 घायल हो गए। उधर दीर अल-बलाह में एक घर पर हवाई बमबारी में छह फलस्तीनी मारे गए। इस्राइली सेना द्वारा वेस्ट बैंक क्षेत्र में छापेमारी के दौरान फलस्तीनी नागरिकों की जबरन गिरफ्तारी की खबरें भी हैं।
जॉर्डन ने की इस्राइल की तीखी निंदा
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सपादी ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इस्राइली युद्ध की शनिवार को तीखी आलोचना करते हुए इसे फलस्तीनियों के खिलाफ घोर आक्रामकता बताया। कहा, यह कार्रवाई से मध्य-पूर्व के निगले जाने का खतरा है। सफादी ने कहा, इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बोलना होगा, क्योंकि यह इस्राइली आत्मरक्षा नहीं है।
खान यूनिस क्षेत्र में गिराए पर्चे…
इस्राइल ने खान यूनिस क्षेत्र पर पर्चे गिराकर निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के लिए कहा। इसमें सुझाव दिया गया है कि वहां सैन्य अभियान चलाया जाना है। इस्राइली पीएम के सहयोगी रेगेव ने लोगों से पश्चिम की तरफ बढ़ने के लिए कहा, ताकि दोबारा वहां जाने की जरूरत न पड़े।
इस्राइली बयान चिंताजनक : यूएई
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायत अल नाहयान के शीर्ष विदेश नीति सलाहकार ने कहा कि गाजा में दीर्घकालिक मौजूदगी का इस्राइली पीएम का बयान चिंताजनक है। अनवर गर्गश ने बहरीन में आईआईएसएस मनामा सुरक्षा शिखर सम्मेलन में कहा, हमें एक इस्राइली और फलस्तीनी राज्य की ओर वापस जाने की जरूरत है जो साथ-साथ रह रहे हों।
बंधकों की रिहाई शत्रुता विराम की पहली जरूरत
बहरीन के क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा ने हमास के 7 अक्तूबर के हमलों व उसके बाद इस्राइल की जवाबी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा, बंधकों की रिहाई शत्रुता में विराम के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘हिंसा के चक्र को तोड़ने’ के लिए आवश्यक शर्तें रखीं, ताकि युद्धविराम हो सके।
इस्राइली ड्रोन ने दक्षिण लेबनान में एल्यूमीनियम संयंत्र पर दागीं मिसाइलें
एक इस्राइली ड्रोन ने शनिवार तड़के दक्षिणी लेबनान के व्यापार शहर नबातियेह के बाहर एक एल्यूमीनियम संयंत्र पर दो मिसाइलें दागीं। इससे वहां आग लग गई और व्यापक क्षति हुई। फिलहाल हताहतों के बारे में जानकारी नहीं है। 2006 में इस्राइल और लेबनान के उग्रवादी हिजबुल्लाह समूह के बीच 34 दिनों के युद्ध के बाद टॉल गांव के पास इस्राइली हमला इस क्षेत्र पर होने वाला पहला हमला है।
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