Home Sports IND vs AUS: सबसे बड़े फाइनल में शमी अपनाएंगे ये जबरदस्त ट्रिक, अहमदाबाद की पिच पर ढेर होगी कंगारू टीम

IND vs AUS: सबसे बड़े फाइनल में शमी अपनाएंगे ये जबरदस्त ट्रिक, अहमदाबाद की पिच पर ढेर होगी कंगारू टीम

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IND vs AUS: सबसे बड़े फाइनल में शमी अपनाएंगे ये जबरदस्त ट्रिक, अहमदाबाद की पिच पर ढेर होगी कंगारू टीम

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World Cup Final: टीम इंडिया रविवार को इस वर्ल्ड का सबसे बड़ा मुकाबला खेलेगी. यह मुकाबला टीम में खेल रहे कई खिलाड़ियों का सबसे बड़ा फाइनल मैच होगा. सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका को हराया तो वहीं इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई है. मोहम्मद शमी ने 7 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. शमी की सधी हुई गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की पूरी टीम बेबस नजर आई. शमी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए वनडे विश्व कप इतिहास में किसी भी गेंदबाज द्वारा सबसे तेज पचास विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया. अब क्रिकेट पंडित इस बात पर नजरें गड़ाए हैं कि फाइनल में मोहम्मद शमी की रणनीति क्या होगी और पिच के हिसाब से वे कैसी गेंदबाजी करेंगे.

शमी के आंकड़े बहुत जबरदस्त

असल में मोहम्मद शमी ने इस पूरे वर्ल्ड कप में करिश्माई गेंदबाजी की है. उम्मीद है कि वे फाइनल में भी वही काम करेंगे. अगर टीम ऑस्ट्रेलिया की बात की जाए तो मौजूदा टीम में ऊपर से नीचे तक उसके पास पांच लेफ्ट हैंडर्स बल्लेबाज हैं और शमी का रिकॉर्ड लेफ्ट हैंडर्स के खिलाफ आग उगलने वाला है. शमी लेफ्ट हैंडर्स के खिलाफ हर 22 रन पर एक विकेट लेते हैं. करियर के 30 प्रतिशत विकेट उन्होंने लेफ्ट हैंडर्स के ही लिए हैं. इतना ही नहीं इसी वर्ल्ड कप में वो 8 लेफ्टी बल्लेबाजों को आउट कर चुके हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात यह कि यहां औसत और भी ज्यादा बेहतरीन है. वे 4 ही रन और 7 बॉल के अंदर ही एक लेफ्ट हैंड बैटर को पवेलियन भेज रहे हैं.

फाइनल में क्या रणनीति होगी?
शमी के ये आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के लिए बुरा सपना साबित हो सकते हैं. इतना ही नहीं शमी भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. वे मौजूदा गेंदबाजों की लिस्ट में पहले नंबर पर हैं. शमी ने 24 मैचों में 38 विकेट लिए हैं. शमी ने खुद मैच के बाद बताया था कि उन्होंने विकेट लेने के लिए सिर्फ स्टंप-टू-स्टंप लेंथ और गेंद को सही जोन में डालने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा देखता हूं कि स्थिति क्या है, पिच और गेंद कैसा बर्ताव कर रही है और गेंद स्विंग कर रही है या नहीं कर रही. गेंद को वहां डालने की कोशिश करता हूं जहां वह बल्ले का किनार लेकर विकेट के पीछे जा सके. उन्होंने कहा कि आगे भी वे वैसा ही करेंगे.

फाइनल में शमी से उम्मीद
इस वर्ल्ड में शमी की गेंदबाजी की सबसे खास बात यह भी रही कि उन्होंने टीम को वहां विकेट दिला दिया जहां सबसे सख्त जरूरत थी. वे बीच में आते थे और धाकड़ से धाकड़ बल्लेबाजों को चुटकियों में पवेलियन भेज देते थे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर उन्हें अहमदाबाद में उतना स्विंग नहीं भी मिलता है तो वे सीम और स्पीड के सहारे चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं. उम्मीद है कि फाइनल में भी वही करेंगे.

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