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Israel War Attack: शनिवार की शाम को इजरायल-हमास युद्ध का आज 43वां दिन बीत गया. अपने अस्तित्व को बचाने की इस जंग में इजरायल, रुकने को तैयार नहीं है. इस युद्ध में इजरायल की फौज की ताकत का लोहा तो पूरी दुनिया मान रही है, लेकिन क्या आपको पता है कि इजरायल की पुलिस ने हमले के दिन यानी सात अक्टूबर को जो किया उसकी बहादुरी की कहानी अब जाकर दुनिया के सामने आ पाई है. यानी 7 अक्टूबर को अगर इजरायल पुलिस के जवान अपनी मुस्तैदी न दिखाते तो वाकई गजब हो जाता.
खुफिया रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा- मिट जाता ये शहर?
इजराइल सुरक्षा बलों (IDF) और इजराइल सुरक्षा एजेंसी (ISA) की एक हालिया संयुक्त रिपोर्ट से ये पता चला है कि इजरायली पुलिस ने 7 अक्टूबर को तेल अवीव (Tel Aviv) पर हमले की हमास आतंकवादियों की कोशिश को नाकाम कर दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक ‘याद मोर्दचाई’ इलाके में पुलिस कर्मियों की भारी मौजूदगी और उनकी जाबांजी ने हमास के आतंकवादियों को देश के दूसरे सबसे बड़े शहर तक पहुंचने से रोक दिया था. उस दिन उनकी योजना तेल अवील को तबाह करने की थी. वो एयरपोर्ट समेत वहां की पहचान मिटा देना चाहते थे.

मृतकों का आंकड़ा बढ़ा
IDF के सूत्रों के मुताबिक 7 अक्टूबर यानी इजरायल पर हमले वाले दिन मौके से पकड़े गए हमास आतंकवादियों से पूछताछ के बाद उनकी टीम इस नतीजे पर पहुंची है.
7 अक्टूबर के हमले की अनसुनी कहानी मिट जाता तेल अवीव का नामोनिशान
गिरफ्तार आतंकवादियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने उत्सव पर हमले की पूर्व योजना नहीं बनाई थी. उन्हें इसके बारे में तब पता चला, जब वे इजरायल की सीमा के अंदर दाखिल हुए. पकड़े गये उग्रवादियों ने बताया कि भारी संख्या में लोगों को देखकर उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.
पुलिस ने कहा कि मृतकों में से 17 पुलिस अधिकारी थे और उत्सव में भाग लेने वाले 40 लोगों को हमास द्वारा अपहरण कर लिया गया और गाजा ले जाया गया. यह संगीत समारोह 7 अक्टूबर को सबसे अधिक मौतों का स्थल है. इस रिपोर्ट के बाद ही इजरायल की पुलिस ने 7 अक्टूबर को नोवा म्यूजिक फेस्ट में हमास आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों की संख्या बढ़ाकर 364 कर दी है, जबकि पिछला आंकड़ा 270 से अधिक था.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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