Home Breaking News Uttarkashi Tunnel Collapse Live: रेस्क्यू ऑपरेशन का सातवां दिन, मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे विशेषज्ञ

Uttarkashi Tunnel Collapse Live: रेस्क्यू ऑपरेशन का सातवां दिन, मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे विशेषज्ञ

0
Uttarkashi Tunnel Collapse Live: रेस्क्यू ऑपरेशन का सातवां दिन, मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे विशेषज्ञ

[ad_1]

10:59 AM, 18-Nov-2023

नार्वे से भी कुछ विशेषज्ञ उत्तरकाशी पहुंचे

रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड की ऑस्ट्रेलिया की कंसल्टेंसी कंपनी के विशेषज्ञ उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं। वहीं इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगवाई गई मशीन देर रात जौलीग्रांट एयरपोर्ट से चली। मशीन के पार्ट्स कंडीसौड़  पहुंच गए हैं।

10:31 AM, 18-Nov-2023

ऑगर मशीन के चलने से हो रहा कंपन

सुरंग के अंदर 1750 हार्स पॉवर की ऑगर मशीन के चलने से कंपन हो रहा है। जिससे सतह का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके चलते मलबा गिरने का खतरा है। इसे ध्यान में रखते हुए अब बीच में कुछ समय रुकेंगे और फिर काम शुरू करेंगे। चौथे पाइप का दो मीटर हिस्सा वेल्डिंग के लिए बाहर छोड़ा गया है। पांचवें पाइप को वेल्डिंग कर जोड़ दिया गया है। कुछ समय बाद इसको डालने के लिए ड्रिलिंग का काम शुरू किया जाएगा। बेरिंग खराब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब मशीन चलती है तो बेरिंग खराब होती ही है, जिसे बदला जाएगा।

10:31 AM, 18-Nov-2023

वेल्डिंग करते समय बरतनी पड़ रही सावधानी

सबसे ज्यादा सावधानी दो पाइपों को आपस में जोड़ने के लिए वेल्डिंग करते समय बरतनी पड़ रही है। इस काम में ही डेढ़ से दो घंटे का समय लग रहा है। निदेशक बोले- मशीन चलती है तो खराबी आती ही है। शुक्रवार शाम एनएचआईडीसीएल ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मशीन के बेयरिंग में खराबी आने के कारण काम रोक दिया गया है। हालांकि शाम को प्रेसवार्ता कर एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खलखो ने बताया कि अमेरिकी ऑगर मशीन से 22 मीटर ड्रिलिंग का काम किया गया है।

10:21 AM, 18-Nov-2023

Uttarkashi Tunnel Collapse Live: रेस्क्यू ऑपरेशन का सातवां दिन, मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे विशेषज्ञ

सिलक्यारा सुरंग में पिछले सात दिन से फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के तहत सुरंग में 22 मीटर तक ड्रिल के बाद काम रुक गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि ड्रिलिंग का काम कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन की बेरिंग में खराबी आ गई है, इसी कारण काम रुका है।

वहीं, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि मशीन चलने से हो रहे कंपन के कारण सतह का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे मलबा गिरने का खतरा है, इस कारण भी बीच में काम रोकने का निर्णय लिया गया है। दरअसल यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा से पोलगांव तक प्रस्तावित 4.5 किमी लंबी सुरंग में भूस्खलन होने से 40 मजदूर छह दिन से फंसे हुए हैं।

ये भी पढ़ें…उत्तरकाशी हादसा: बड़ा सवाल…इमरजेंसी में काम आता है ह्यूम पाइप, तो टनल से किसने और क्यों निकाला?

मजदूरों को निकालने के लिए पहले जेसीबी आदि मशीनों से मलबा हटाया जा रहा था, लेकिन बार-बार मलबा गिरने पर सोमवार को देहरादून से ऑगर मशीन मंगाकर ड्रिलिंग शुरू की गई, लेकिन इसकी क्षमता कम होने के कारण बुधवार को दिल्ली से वायुसेना के तीन हरक्यूलिस विमानों से 25 टन वजनी अमेरिकी ऑगर मशीन मंगवाई गई। जिससे बृहस्पतिवार सुबह दस बजे ड्रिलिंग शुरू की गई थी, लेकिन एक पाइप को डालने में औसतन चार से छह घंटे का समय लग रहा है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here