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सत्ता का संग्राम
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। इसी सिलसिले में आज हमारा कारवां जैसलमेर के पोखरण विधानसभा पहुंचा है। यहां अमर उजाला ने नेताओं से बात की और जनता के सवाल पूछे।
जैसलमेर के पोखरण में भाजपा के सुरेश मिश्रा ने बताया कि समस्याएं तो हमेशा बनी ही रहती हैं। समस्याएं केवल कही-सुनी जाती हैं, समाधान कभी नहीं होता। उनके हिसाब से इस बार का चुनाव औपचारिकता भर है। पिछली बार चुनाव हुआ था तब टक्कर देखने को मिली थी। इस बार चुनाव वन-वे है। पूरे राजस्थान का तो पता नहीं पोखरण से महेंद्र प्रताप पुरी ही हैं जो हैं।
साइलेंट अटैक के मूड में है जनता
वहीं कांग्रेस नेता इस बात से सहमत नजर नहीं आए। कांग्रेस नेता बोले चुनाव पूरी तरह से टक्कर का होने वाला है वन-वे का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। आप तो ये मान कर चलिए जब भी साइलेंट अटैक हुआ है कांग्रेस ही जीती है। इस बार भी जनता मौन है। इस बार साइलेंट अटैक के मूड में है जनता।
अशोक गहलोत ने तीन साल ही तो काम किया
कांग्रेस नेता रघुनाथ ने बताया कि साले मोहम्मद ने पोखरण में जो काम किया है वो पूरे राजस्थान में किसी ने नहीं किया। देखा जाए तो इस सरकार के पास काम करने को मात्र तीन साल ही मिले हैं, दो साल तो कोरोना में निकल गए। अशोक गहलोत ने यहां तीन साल ही तो काम किया है। फिर भी आप विकास देखिए, ट्रॉमा सेंटर जो बनाकर खड़ा किया ऐसा जोधपुर के इतिहास में भी नहीं देखने को मिलेगा। स्वास्थ्य के लिए लोगों को सुविधा हो गई है अब भटकना नहीं पड़ता है।
जुकाम के लिए साढ़े तीन सौ का होता है चेकअप
कांग्रेस नेता के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी के सुरेश मिश्रा ने कहा कि चिकित्सा का हाल यहां ऐसा है कि अस्पताल में जाएंगे तो डॉक्टर नहीं मिलते, आपको इलाज चाहिए तो डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिक जाना पड़ेगा। इलाज के नाम पर लूट मची है। साधारण जुकाम के लिए पहले साढ़े तीन सौ की जांच करानी पड़ती है। ये हाल है यहां की चिकित्सा का।
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