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कांग्रेस ने घोषणा-पत्र जारी करते हुए इसमें सात गारंटियों के साथ 12 प्राथमिकताओं का उल्लेख किया है। इनमें से कुछ प्रमुख प्राथमिकताओं पर गौर करें तो प्रथम स्थान पर ‘किसानों का कल्याण’ रखा गया है। इसमें कांग्रेस ने कहा कि हम स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) गारंटी स्थापित करने के लिए एक विशिष्ट कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सहकारी बैंकों से सभी किसानों को लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त कृषि ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी। कांग्रेस ने वादे में कहा, ‘कृषि बजट के अंतर्गत हमारी सरकार द्वारा प्रारम्भ किये गए 12 मिशनों का विस्तार कर इन्हें दोगुना करेंगे। वहीं पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के क्रमबद्ध कार्यान्वयन के लिए एक विस्तृत योजना पेश की जाएगी।’
कांग्रेस के जन घोषणा पत्र-ll में दूसरी प्राथमिकता युवा और रोजगार है। पांच वर्षों में 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे, जिसमें से चार लाख सरकारी नौकरियों में भर्ती की जाएगी।
कांग्रेस द्वारा कहा गया कि पंचायत स्तर पर भर्ती के लिए एक नई योजना लाएंगे जिसमें इन कर्मचारियों को धीरे-धीरे सरकारी रिक्तियों के साथ विलय करके जमीनी स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। वहीं बेरोजगार युवाओं को रोजगार सम्बन्धी समस्या के समाधान हेतु “TOLL FREE CALL CENTER” के साथ-साथ ‘e-Employment Exchange’ की सुविधा आरंभ की जाएगी।
तीसरी प्राथमिकता में ‘महिला शक्ति’ का जिक्र है। घोषणा-पत्र में कहा गया कि महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी सुनिश्चित करेंगे। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड में सुरक्षा प्रहरी की नियुक्ति करेंगे।
इसके अलावा यौन उत्पीड़न मामलों में त्वरित न्याय के लिए इनकी औसत जांच समय में कमी करने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
राज्य द्वारा संचालित रोडवेज बसों में महिलाओं को वर्तमान छूट के अतिरिक्त निशुल्क यात्रा के लिए हर महीने एक फ्री कूपन मिलेगा। कांग्रेस ने वादा किया है कि वह मुख्यमंत्री निःशुल्क चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों की महिला मुखिया को इंटरनेट कनेक्शन के साथ स्मार्टफोन प्रदान करेगी।
चौथी प्राथमिकता जातिगत जनगणना के लिए है। सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि वास्तविक जनसंख्या के आधार पर लाभ निर्धारण के लिए जाति आधारित जनगणना करेंगे।
चिकित्सा और स्वास्थ्य घोषणा-पत्र की पांचवी प्राथमिकता है। इसमें उल्लेख है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा की राशि को 25 लाख रुपए वार्षिक से वृद्धि कर 50 लाख रुपए वार्षिक करेंगे। इसके साथ ही राजकीय चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क OPD/IPD के अंतर्गत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सुविधाओं में वृद्धि करेंगे।
जन घोषणा-पत्र में जिक्र किया गया है कि संतान सुख से वंचित दम्पत्तियों को राहत देने के उद्देश्य से ‘चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना’ में IVF पैकेज निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु शामिल किया जाएगा।
छठी प्राथमिकता में शिक्षा क्षेत्र को शामिल किया गया है। कहा गया कि राज्य में शिक्षा की गारंटी कानून लाकर RTE के अंतर्गत कक्षा 8वीं के स्थान पर कक्षा 12वीं तक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवाया जाएगा।
श्रम और लघु व्यवसाय घोषणा-पत्र की सातवीं प्राथमिकता है। इसमें कहा गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करते हुए वर्तमान में उपलब्ध प्रति वर्ष 125 दिन के स्थान पर 150 दिन का रोजगार दिया जाएगा।
वहीं इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करते हुए वर्तमान में उपलब्ध प्रति वर्ष 125 दिन के स्थान पर 150 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की ही तरह एक व्यापारी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की जाएगी जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और युवा उद्यमियों को पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगी।
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