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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : Social Media
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईवे पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि लोगों को राजमार्गों पर घूमना नहीं चाहिए।
शीर्ष अदालत हाईवे (राजमार्गों) पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि कोई सकारात्मक निर्देश नहीं दिया जा सकता क्योंकि याचिका में दावा की गई राहत नीतिगत निर्णयों का मामला होगा।
इसने कहा था कि याचिका में उठाई गई शिकायतों के लिए, याचिकाकर्ताओं के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से संपर्क करना का रास्ता खुला है।
यह मामला सोमवार को न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि याचिका में उठाया गया मुद्दा हाईवे पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा और संरक्षण से संबंधित है।
पीठ ने पूछा, “पैदल यात्री हाईवे पर कैसे आते हैं?” साथ ही कोर्ट ने कहा कि अनुशासन होना चाहिए।
आंकड़ों का हवाला देते हुए वकील ने कहा कि देश में पैदल यात्रियों के साथ सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
पीठ ने कहा कि ऐसी घटनाएं तब होंगी जब पैदल यात्री वहां मौजूद पाए जाएंगे जहां उन्हें नहीं होना चाहिए।
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