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Israel-Hamas War: युद्ध के लगभग सात सप्ताह बाद, इज़राइल और हमास एक समझौते पर सहमत हुए हैं. समझौते के तहत, इजरायल और हमास गाजा युद्ध में चार दिन के संघर्ष विराम पर तैयार हो गए. हमास 7 अक्टूबर के हमले के दौरान बंधक बनाए गए लोगों में से 50 को छोड़ेगा. बदले में, इजरायल कम से कम 150 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा और छह सप्ताह से अधिक की बमबारी, भारी लड़ाई और विनाशकारी घेराबंदी के बाद गाजा पट्टी में अधिक मानवीय सहायता की अनुमति देगा. बड़ा सवाल यह है कि वे फिलिस्तीनी कैदी कौन से हैं जिन्हें इजरायल रिलीज करने जा रहा है.
हमास ने बुधवार को कहा कि संबंधित फिलिस्तीनी कैदियों में महिलाएं और बच्चे हैं. वहीं इजरायली सरकार ने बुधवार को संभावित रिहाई के लिए 300 फ़िलिस्तीनी कैदियों की एक सूची प्रकाशित की. अधिक नामों की सूची समझौते के संभावित दूसरे चरण को देखते हुए जारी की गई.
लिस्ट में शामिल कैदी इन आरोपों के तहत पकड़े गए
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस लिस्ट में कैदियों की उम्र और उन आरोपों का भी जिक्र है जिनके लिए उन्हें पकड़ा गया. इनमें- ‘पत्थर फेंकना’ और ‘क्षेत्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना’ सबसे आम हैं. इसके अलावा अवैध आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने, अवैध हथियार के आरोप, उकसावे और हत्या के प्रयास के आरोपी शामिल हैं. कुछ लोगों को हमास और अन्य इस्लामी आतंकवादी समूहों के सदस्यों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन कई कैदियों को किसी भी संगठन से संबंधित के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है.
सीएनएन के मुताबिक रिहाई के योग्य सूचीबद्ध अधिकांश फ़िलिस्तीनी कैदी 16 से 18 वर्ष की आयु के पुरुष किशोर हैं- (संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के तहत बच्चे. कुछ 14 वर्ष से कम उम्र के भी हैं. लगभग 33 महिलाएं हैं.
‘8,300 फिलिस्तीनी कैदी इजरायली जेलों में बंद’
फिलिस्तीनी बंदियों और पूर्व-कैदियों के मामलों के आयोग के प्रमुख कादुरा फारेस ने कहा, ‘वर्तमान में लगभग 8,300 फिलिस्तीनी कैदी इजरायली जेलों में बंद हैं.
फारेस ने बताया कि इनमें से 3,000 से अधिक लोगों को ‘प्रशासनिक हिरासत’ में रखा जा रहा है, इसका मतलब है कि उन्हें उनके खिलाफ आरोपों को जाने बिना और चल रही कानूनी प्रक्रिया के बिना उन्हें पकड़ा गया है. उन्होंने बताया कि अधिकांश कैदी पुरुष हैं, साथ ही हिरासत में लगभग 85 महिलाएं और 350 बच्चे भी हैं.
रिपोर्ट के अनुसार 7 अक्टूबर को हमास के हमलों के बाद से इजरायल ने गिरफ्तारियां तेज दीं. फिलिस्तीनी प्रिजनर सोसायटी, एक गैर-सरकारी संगठन के अनुसार अकेले उस महीने में कब्जे वाले वेस्ट बैंक और यरूशलेम में 2,070 तक गिरफ़्तारियां दर्ज की गईं. आंकड़े में 145 बच्चे और 55 महिलाएं शामिल हैं.
फिलिस्तीनी प्राधिकरण के प्रधान मंत्री मोहम्मद शतायेह ने पिछले हफ्ते रॉयटर्स से दावा किया था कि इजरायल ने बंधक समझौते से पहले गिरफ्तारियां बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा, ‘इजरायल कैदियों की अदला-बदली की तैयारी कर रहा है और वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं क्योंकि वे इस तरह के सौदे की तैयारी कर रहे हैं.’
अधिक फिलिस्तीनियों कैदियों की रिहाई संभव
रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि सौदे के पहले चरण में चार दिनों में चार चरणों में 150 कैदियों की रिहाई शामिल होगी. लेकिन इजरायली कैबिनेट सचिवालय ने कहा, ‘हर दिन कम से कम 10 इजरायली बंधकों को सुरक्षा बलों को सौंपे जाने के बदले में 300 बंदियों की सूची से अधिक फिलिस्तीनियों को संभावित रूप से रिहा किया जा सकता है.’
बता दें सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था जिसमें 1200 लोगों की मौत हुई. इस दौरान हमास के लिए लड़ाकों ने करीब 239 लोगों को बंधक बना लिया था. इसके बाद इजरायल ने हमास के कंट्रोल वाले गाजा पट्टी पर हवाई और फिर जमीनी हमले करने शुरू कर दिया. इजरायली हमलों में14,500 से अधिक लोग मारे गए हैं.
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