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Imran Khan
– फोटो : Social Media
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पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने गुरुवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को 20 दिन के भीतर पार्टी के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया ताकि बल्ले को अपने चुनाव चिह्न के रूप में बरकरार रखा जा सके।
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने संविधान के अनुसार पारदर्शी चुनाव नहीं कराए। आयोग ने अगस्त में पीटीआई को अंतिम चेतावनी दी थी कि वह चुनाव कराए अन्यथा उसे चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। चुनाव पार्टी के संविधान के तहत 13 जून, 2021 को होने वाले थे, लेकिन इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था। पीटीआई का प्रतिनिधित्व करने वाले गौहर अली खान ने कहा था कि पार्टी के चुनाव संविधान में संशोधन से पहले हुए थे।
हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त ने दावा किया कि पीटीआई ने 8 जून, 2022 को अपने संविधान में संशोधन किया और 10 जून, 2022 को पार्टी के भीतर चुनाव कराए। डॉन अखबार की खबर के अनुसार खान ने यह भी कहा कि पार्टी संविधान में संशोधन बाद में वापस ले लिया गया।
साइफर मामले में सुनवाई के लिए इमरान खान को अदालत में पेश होने का आदेश
पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को अधिकारियों को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को साइफर मामले की सुनवाई के लिए 28 नवंबर को संघीय न्यायिक परिसर में पेश करने का आदेश दिया।
विशेष अदालत के न्यायाधीश अबुआल हसनत जुल्करनैन ने संघीय न्यायिक परिसर (एफजेसी) में मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश तब जारी किया जब इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रक्रियात्मक आधार पर दोनों के खिलाफ जेल में चल रही सुनवाई को अमान्य घोषित कर दिया।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने उसी अदालत के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ खान की अंतर-अदालत अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसने रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में उनके मुकदमे के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष की अपील को खारिज कर दिया था। गुरुवार को न्यायाधीश ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति मांगी और खान तथा कुरैशी को 28 नवंबर को तलब किया और मामले की सुनवाई तब तक के लिए स्थगित कर दी।
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