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सत्ता का संग्राम
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के पांच राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इनमें से छत्तीसगढ़ में सात और 17 नवंबर, मध्य प्रदेश में 17 नवंबर और 25 नवंबर को राजस्थान में मतदान हो चुका है। इस चुनावी प्रक्रिया के दौरान मध्य प्रदेश और राजस्थान में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव नतीजों को अपने पक्ष में करने के लिए अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए जोर-शोर से चुनाव प्रचार किया। वहीं, मतदान होने के बाद अब तीन दिसंबर को मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे।
मध्य प्रदेश के इन जिलों में हुआ सत्ता का संग्राम
इस बीच ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ का सफर मध्य प्रदेश के मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, सागर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बुदनी, भोपाल, देवास, उज्जैन, महेश्वर और इंदौर की 120 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में गया। अमर उजाला के चुनावी रथ ने मध्य प्रदेश में तीन हजार किमी की यात्रा तय की है।

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राजस्थान के इन जिलों को किया कवर
वहीं, राजस्थान में पहले चरण में अमर उजाला का चुनावी सफर अलवर से शुरू हुआ और दौसा, सवाईमाधोपुर, बारां, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर, तथा टोंक होते हुए जयपुर में खत्म हुआ। जबकि दूसरा चरण झुंझुनू से शुरू हुआ जो सीकर, नागौर, जोधपुर, जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर और चूरू होते हुए जयपुर में खत्म हुआ। इस तरह अमर उजाला ने दोनों चरणों में प्रदेश की कुल 150 सीटों को कवर किया। अमर उजाला के चुनावी रथ ने राजस्थान में 3,800 किमी की यात्रा तय की है।

मतदाताओं से हुई सकारात्मक चर्चा
इस दौरान अमर उजाला के चुनावी रथ ने ‘सत्ता के संग्राम’ कार्यक्रम के तहत दोनों राज्यों (मध्य प्रदेश और राजस्थान) में ‘चाय पर चर्चा’ में आम मतदाताओं (मजदूर और किसान आदि), युवाओं से चर्चा, महिलाओं से चर्चा कर उनके वोट देने के मुद्दे जानें। इसके साथ ही सबसे अंत में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और प्रत्याशियों से जनता के सवालों के जवाब पूछे गए।
इन मुद्दों पर मुखर हुए वोटर्स
‘सत्ता के संग्राम’ कार्यक्रम में आम मतदाताओं, युवाओं और महिलाओं ने उनके जरूरी मुद्दे जैसे रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर अपनी बात रखी। इन मतदाताओं ने इन्हीं मुद्दों को लेकर वोट देने का मुख्य उद्देश्य बताया। इसके बाद ‘सत्ता के संग्राम’ कार्यक्रम के जरिए अमर उजाला ने जनता के मुद्दों को नेताओं से चर्चा कार्यक्रम में उठाया, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि आपस में उलझे भी और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते भी दिखे।
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