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आर्सेलर मित्तल
– फोटो : PTI
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आर्सेलर मित्तल की दक्षिण अफ्रीका स्थित इकाई ने मंगलवार को कमजोर मांग और बुनियादी ढांचे की समस्याओं के कारण देश में इस्पात कारोबार को बंद करने की योजना बनाने की बात कही है। कंपनी के अनुसार स्टील कारोबार का परिचालन बंद होने से 3,500 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी की लंबी इस्पात इकाई निर्माण, खनन और विनिर्माण क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली बाड़ लगाने की सामग्री, रेल, छड़ और बार का उत्पादन करती है। आर्सेलर मित्तल फाउंड्री, फ्लैट स्टील और ट्यूबलर उत्पाद भी बनाती है।
दुनिया की नंबर 2 स्टील निर्माता आर्सेलर मित्तल की दक्षिण अफ्रीकी इकाई ने कहा कि अफ्रीका की सबसे उन्नत अर्थव्यवस्था में इस्पात की खपत पिछले 7 वर्षों में 20% गिर गई है। इसका सबसे बड़ा कारण बुनियादी ढांचे पर किया गया सीमित खर्च और परियोजनाओं में देरी है।
आर्सेलर मित्तल साउथ अफ्रीका ने एक बयान में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में रेल लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं और गहराते बिजली संकट ने व्यवसाय लागत बढ़ा दी है। कंपनी ने कहा, ”इन परिस्थितियों में आर्सेलर मित्तल दक्षिण अफ्रीका बोर्ड और प्रबंधन के पास कंपनी के लॉन्ग्स कारोबार को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।”
आर्सेलर मित्तल दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि प्रभावित होने वाले 3,500 नौकरियों में पूर्णकालिक कर्मचारी और ठेके पर काम करने वाले कर्मी शामिल हैं।
दक्षिण अफ्रीका के बिजली संकट, उच्च मुद्रास्फीति और प्रमुख इस्पात खपत वाले क्षेत्रों से कमजोर मांग के कारण कंपनी को 30 जून को समाप्त पहली छमाही में 448 मिलियन रैंड का नुकसान हुआ, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में कंपनी को तीन बिलियन रैंड का लाभ हुआ था।
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